जरुरी जानकारी | ट्राई का स्पेक्ट्रम के आधार मूल्य में 39 प्रतिशत कटौती का सुझाव, नीलामी पर सिफारिशें जारीं
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. दूरसंचार नियामक ट्राई ने नवीनतम 5जी तकनीक और तेज रफ्तार मोबाइल सेवाओं के स्पेक्ट्रम बैंड की नीलामी के लिए आरक्षित मूल्य में करीब 39 प्रतिशत की कटौती करने की सोमवार को सिफारिश की।
नयी दिल्ली, 11 अप्रैल दूरसंचार नियामक ट्राई ने नवीनतम 5जी तकनीक और तेज रफ्तार मोबाइल सेवाओं के स्पेक्ट्रम बैंड की नीलामी के लिए आरक्षित मूल्य में करीब 39 प्रतिशत की कटौती करने की सोमवार को सिफारिश की।
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने स्पेक्ट्रम कीमतों के संदर्भ में अपनी बहु-प्रतीक्षित सिफारिशें पेश करते हुए 5जी स्पेक्ट्रम बैंड के लिए आरक्षित मूल्य को पिछली बार की तुलना में 35 प्रतिशत कम रखने का सुझाव दिया है। इस तरह ट्राई ने दूरसंचार कंपनियों की स्पेक्ट्रम की कीमत चुका पाने की क्षमता को भी ध्यान में रखा है।
ट्राई ने कहा कि 700 मेगाहर्ट्ज, 800 मेगाहर्ट्ज, 900 मेगाहर्ट्ज, 1800 मेगाहर्ट्ज, 2100 मेगाहर्ट्ज, 2300 मेगाहर्ट्ज एवं 2500 मेगाहर्ट्ज के मौजूदा बैंड और 600 मेगाहर्ट्ज, 3300-3670 मेगाहर्ट्ज एवं 24.25-28.5 गीगाहर्ट्ज के नए स्पेक्ट्रम बैंड में सभी मौजूदा स्पेक्ट्रम की नीलामी की जाएगी।
ट्राई ने एक बयान में कहा, ‘‘दूरसंचार सेवा-प्रदाताओं को लचीलापन देने के लिए 3300-3670 मेगाहर्ट्ज बैंड के लिए 10 मेगाहर्ट्ज और 24.25-28.5 गीगाहर्ट्ज के लिए 50 मेगाहर्ट्ज का ब्लॉक रखने की सिफारिश की गई है।’’
सबसे अहम माने जा रहे 3300-3670 मेगाहर्ट्ज वाले 5जी स्पेक्ट्रम के लिए अखिल भारतीय स्तर पर आरक्षित मूल्य 317 करोड़ रुपये प्रति मेगाहर्ट्ज रखा गया है जो पिछली बार की तुलना में 35 प्रतिशत कम है। पिछले साल ट्राई ने इस स्पेक्ट्रम के लिए 492 करोड़ रुपये प्रति मेगाहर्ट्ज का आरक्षित मूल्य रखने की सिफारिश की थी।
इसी के साथ 700 मेगाहर्ट्ज के लिए भी आधार मूल्य 3,927 करोड़ रुपये प्रति मेगाहर्ट्ज रखने की सिफारिश की गई है, जो पिछले सुझावों की तुलना में 40 प्रतिशत कम है। वहीं 800 मेगाहर्ट्ज के लिए आरक्षित मूल्य 3,620 करोड़ रुपये प्रति मेगाहर्ट्ज रखने की सिफारिश की गई है।
कुल मिलाकर ट्राई ने पिछले सुझावों की तुलना में इस बार विभिन्न बैंड में करीब 39 फीसदी कम आरक्षित मूल्य रखा है।
नीलामी के पिछले दो दौर में कई बैंड में स्पेक्ट्रम बिक नहीं पाया था। इसे ध्यान में रखते हुए ट्राई ने सभी बैंडों के लिए आरक्षित कीमतों को कम रखा है।
सरकार इसी साल स्पेक्ट्रम की नीलामी करने की तैयारी में है। चालू वित्त वर्ष 2022-23 में 5जी मोबाइल सेवाएं शुरू करने के लिए निजी दूरसंचार प्रदाताओं को 5जी स्पेक्ट्रम देना है। इससे इंटरनेट एवं अपलोडिंग की गति काफी तेज हो जाने की उम्मीद है।
स्पेक्ट्रम कीमतों संबंधी अनुशंसा पर ट्राई के प्रमुख पी डी वाघेला ने पीटीआई- से कहा कि 5जी स्पेक्ट्रम संबंधी सिफारिशों को हितधारकों के साथ परामर्श और व्यापक चर्चा कर ध्यानपूर्वक विश्लेषण के बाद तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि ये सुझाव दूरसंचार क्षेत्र और देश के हित में हैं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)