नयी दिल्ली, 24 जुलाई दूरसंचार नियामक ट्राई ने सोमवार को दूरसंचार उपभोक्ता शिक्षा और संरक्षण कोष संशोधन नियमन का मसौदा जारी किया। इसपर लोगों से टिप्पणियां मांगी गयी हैं।
खातों की तैयारी और ऑडिट, दूरसंचार उपभोक्ता शिक्षा तथा संरक्षण कोष से खर्च किये जाने की आवश्यकता एवं उसके लिये प्रावधानों की जरूरत जैसी चीजों पर गौर करने के बाद नियमों के कुछ भाग में संशोधन का प्रस्ताव किया गया है।
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने 15 जून, 2007 को दूरसंचार उपभोक्ता शिक्षा और संरक्षण कोष (टीसीईपीएफ) नियम अधिसूचित किया था।
नियमों के अनुसार ‘दूरसंचार उपभोक्ता शिक्षा और संरक्षण कोष’ नाम से एक कोष बनाया गया था। कोष से सृजित आय का उपयोग उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रमों, कार्यशालाओं, उपभोक्ताओं तक सूचना के प्रसार के लिये शैक्षणिक और जागरूकता सामग्री विकसित करने सहित विभिन्न गतिविधियों के लिये किया जाता है।
ट्राई ने बयान में कहा, ‘‘प्राधिकरण ने पाया है कि खातों की तैयारी, रखरखाव और ऑडिट तथा टीसीईएफ के उपयोग पर समिति की बैठकों में भाग लेने के लिये विभिन्न उपभोक्ता समूह के प्रतिनिधियों की भागीदारी को लेकर व्यय, कोष से किया जाना है और इसके लिये नियमों में प्रावधान किये जाने की आवश्यकता है।’’
इसीलिए संबंधित नियमों में संशोधन के प्रस्ताव किये गये हैं।
नियमों का मसौदा ट्राई की वेबसाइट पर है और इस पर 14 अगस्त, 2023 तक टिप्पणी दी जा सकती है।
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