सरकारी प्रसारक सीसीटीवी के अनुसार, रविवार अपराह्न में गुइझोउ के एक दर्शनीय स्थल पर तेज हवाओं के कारण यह हादसा हुआ। इस दौरान 80 से अधिक लोग नौकाओं से नदी में गिर गए।
चीन की सबसे लंब नदी यांग्त्जी की सहायक वू नदी के पास अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टि के कारण नावें पलटीं।
शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया था कि दो पर्यटक नावें पलट गईं, लेकिन सरकारी मीडिया ने सोमवार को कहा कि इस दुर्घटना में कुल चार नावें पलट गईं।
सीसीटीवी ने कहा कि अन्य दो नावों में कोई यात्री नहीं था और चालक दल के सात सदस्य खुद को बचाने में सफल रहे।
गुइझोउ की पहाड़ियां और नदियां देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करती हैं, और फिलहाल वहां पांच दिवसीय राष्ट्रीय अवकाश के चलते भारी संख्या में सैलानी पहुंचे हुए हैं।
आधिकारिक शिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए लापता लोगों की तलाश और घायलों के इलाज में “हरसंभव प्रयास” का आह्वान किया है। कुल 70 लोगों को अस्पताल भेजा गया, जिनमें से अधिकांश को मामूली चोटें आईं।
हाल में हुई घातक दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए शी ने पर्यटक स्थलों, बड़े सार्वजनिक स्थलों और आवासीय समुदायों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के महत्व पर बल दिया। साथ ही छुट्टियों के अंत में लौटने वाले लोगों की भीड़ को भी ध्यान में रखने का आह्वान किया।
सीसीटीवी के अनुसार, दुर्घटना में शामिल दो नावों में लगभग 40-40 लोग सवार थे। हालांकि नाव में क्षमता से अधिक लोग सवार नहीं थे।
एक चश्मदीद ने सरकारी अखबार ‘बीजिंग न्यूज’ को बताया कि नदी की गहराई अधिक थी, लेकिन कुछ लोग तैरकर किनारे तक पहुंचने में सफल रहे।
उन्होंने कहा कि तूफान अचानक आया और घने कोहरे ने नदी की सतह को ढक लिया।
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