देश की खबरें | टूजी मामला: राजा, कनिमोई व अन्य सीबीआई, ईडी की याचिका के विरोध में

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा, द्रमुक सांसद कनिमोई, स्वान टेलीकॉम के प्रवर्तक शाहिद बलवा और अन्य ने सोमवार को सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की उस याचिका का विरोध किया जिसमें टूजी स्पेक्ट्रम आबंटन घोटाला मामले में इन लोगों और कंपनियों को बरी किये जाने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर शीघ्र सुनवाई की मांग की गई है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 21 सितंबर पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा, द्रमुक सांसद कनिमोई, स्वान टेलीकॉम के प्रवर्तक शाहिद बलवा और अन्य ने सोमवार को सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की उस याचिका का विरोध किया जिसमें टूजी स्पेक्ट्रम आबंटन घोटाला मामले में इन लोगों और कंपनियों को बरी किये जाने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर शीघ्र सुनवाई की मांग की गई है।

उन्होंने कहा कि एजेंसियों ने अब तक कोई जल्दबाजी नहीं दिखाई और अब कोविड-19 महामारी के दौरान अदालत एक खास क्रम के मुताबिक कार्यवाहियों का संचालन कर रही है जिसके तहत उन मामलों को प्राथमिकता दी जा रही है जहां आरोपी/दोषी जेल में हैं और इस व्यवस्था को गड़बड़ नहीं करना चाहिए।

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सीबीआई और ईडी ने अपनी याचिकाओं पर जल्द डिजिटल सुनवाई का अनुरोध करते हुए कहा कि देश का सबसे बड़ा मुकदमा जनता के पैसे पर चल रहा है और इसे इसके तार्किक अंजाम तक लाया जाना चाहिए।

करीब तीन घंटे तक वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये मामले की सुनवाई करने वाले न्यायमूर्ति बृजेश सेठी को एजेंसियों का पक्ष रख रहे अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल संजय जैन ने बताया जनहित में जिरह को निष्कर्ष तक पहुंचाया जाना चाहिए।

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सेठी ने कहा क्योंकि कोई साक्ष्य जुटाने की आवश्यकता नहीं है और सिर्फ मौखिक रूप से बयान होना है ऐसे में इसे वीडियो कॉन्फ्रेंस कार्यवाही के जरिये किया जा सकता है।

अदालत इस मामले में मंगलवार को भी सुनवाई जारी रखेगी।

दोनों एजेंसियों ने 12 अक्टूबर के लिये सूचीबद्ध की गई याचिकाओं पर जल्द सुनवाई का अनुरोध किया था।

सीबीआई ने टूजी घोटाला मामले की जांच के दौरान सामने आए एक अन्य मामले में एस्सार समूह के प्रवर्तक रविकांत रुइया और अंशुमान रुइया तथा छह अन्य को बरी किये जाने को चुनौती देने वाली उसकी याचिका पर भी सुनवाई पहले करने का अनुरोध किया।

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