इंदौर (मध्यप्रदेश), 24 अगस्त इंदौर की जिला जेल में 35 वर्षीय एक महिला कैदी से इंटरनेट सुविधा वाला टचस्क्रीन मोबाइल मिलने के बाद जेल प्रशासन ने एक प्रहरी को निलंबित कर दिया है। जेल विभाग की एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
जिला जेल में महिला कैदी से मोबाइल मिलने के मामले की जांच केंद्रीय जेल की अधीक्षक अल्का सोनकर कर रही हैं। सोनकर ने बताया कि वित्तीय धोखाधड़ी के अलग-अलग मामलों में विचाराधीन कैदी के रूप में जिला जेल में बंद पायल (35) के पास 21 अगस्त को मोबाइल मिला, जब कैदियों के बैरक की अचानक तलाशी ली गई।
उन्होंने बताया कि आकस्मिक तलाशी के दौरान हड़बड़ाई महिला कैदी ने मोबाइल को अपने कपड़ों में छिपा लिया था, लेकिन यह फिसलकर नीचे गिर पड़ा जिससे उसकी पोल खुल गई।
सोनकर ने बताया कि इस मामले में जेल की एक महिला प्रहरी को निलंबित कर दिया गया है, जबकि कुछ अफसरों की संदिग्ध भूमिका की जांच की जा रही है।
उन्होंने बताया कि जेल में इंटरनेट सुविधा वाला मोबाइल चलाने वाली महिला कैदी को इस साल मई में दिल्ली के तिहाड़ जेल से इंदौर के जिला जेल लाया गया था क्योंकि स्थानीय अदालत में भी उसके खिलाफ धोखाधड़ी के मामले लंबित हैं।
सोनकर ने बताया कि पायल पर खुद को कई मल्टीमीडिया कंपनियों की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बताकर लोगों को चूना लगाने के आरोप हैं।
जेल अधीक्षक ने बताया कि पायल ने पूछताछ में दावा किया कि उसने इंजीनियरिंग की उपाधि हासिल की है।
सोनकर ने बताया कि महिला कैदी से जब्त मोबाइल को विस्तृत जांच के लिए संयोगितागंज पुलिस थाने को सौंपा गया है ताकि पता चल सके कि जेल में इसके इस्तेमाल से उसने किन लोगों से चैट या बातचीत की है।
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