देश की खबरें | टीटीजेड में सार्वजनिक परियोजनाओं से संबंधित अर्जियों पर जनवरी में सुनवाई : शीर्ष अदालत

नयी दिल्ली, आठ दिसम्बर उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि वह ताज ट्रेपेजियम ज़ोन (टीटीजेड) के भीतर पड़ने वाली सार्वजनिक परियोजनाओं से संबंधित अर्जियों पर जनवरी में सुनवाई करेगा।

टीटीज़ेड उत्तर प्रदेश के आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, हाथरस और एटा जिलों तथा राजस्थान के भरतपुर जिले के 10,400 वर्ग किलोमीटर में फैला क्षेत्र है। शीर्ष अदालत इस क्षेत्र में पर्यावरण और ताजमहल सहित विभिन्न ऐतिहासिक स्मारकों को संरक्षित करने से संबंधित एक याचिका पर सुनवाई कर रही है।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायमूर्ति एल. नागेश्वर राव, न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना की पीठ को रेल विकास निगम लिमिटेड से संबंधित अर्जियों की जानकारी दी।

पीठ ने कहा, ‘‘ये याचिकाएं जनवरी में सूचीबद्ध की जाएंगी। सभी मामले, जिनमें सार्वजनिक परियोजनाएं रुकी पड़ी हैं, हमने कहा है कि आप हस्तक्षेप आईए नंबर उपलब्ध कराएं, उन्हें सूचीबद्ध किया जाएगा।’’

वकीलों में से एक ने पीठ को बताया कि इस मामले में उनका एक आवेदन सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि आवेदन रात में देखने के लिए ताजमहल के ऑनलाइन टिकट के संबंध में है।

वकील ने कहा कि दिन के समय ताजमहल देखने के लिए ऑनलाइन टिकट जारी किया जाता है, लेकिन रात में देखने के लिए टिकट लेने के लिए कतार में खड़ा होना पड़ता है।

पीठ ने कहा, “हम केवल कुछ सार्वजनिक परियोजनाओं के साथ काम कर रहे हैं। टिकट आदि के ऑनलाइन जारी होने का इंतजार किया जा सकता है। तात्कालिकता क्या है? हमें इसे तुरंत क्यों लेना चाहिए?”

वकील ने दलील दी कि पर्यटकों को रात में ताज के दीदार के लिए टिकट खरीदने के वास्ते कतार में खड़ा होना पड़ता है और ऑनलाइन टिकट व्यवस्था आगंतुकों को कोरोनावायरस के जोखिम से भी बचाएगी।

पीठ ने कहा, ‘‘हम इस मामले को बाद में सुनेंगे।’’

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