ताजा खबरें | कच्चातीवु को श्रीलंका को सौंपना 'असंवैधानिक', सरकार इसे वापस लेने के लिए कदम उठाये: द्रमुक सांसद

नयी दिल्ली, तीन अप्रैल द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) नेता टी आर बालू ने बृहस्पतिवार को कहा कि कच्चातीवु द्वीप को श्रीलंका को सौंपना ‘‘असंवैधानिक’’ है और उन्होंने केंद्र से इसे शीघ्र वापस लेने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया।

लोकसभा में शून्यकाल के दौरान इस मामले को उठाते हुए बालू ने कहा कि बुधवार को तमिलनाडु विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया, जिसे मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने पेश किया था।

द्रमुक सांसद ने कहा कि प्रस्ताव के जरिये केंद्र से कच्चातीवु द्वीप को वापस लेने का आग्रह किया गया।

कच्चातीवु को भारत ने 1974 और 1976 में हुए समझौतों के माध्यम से श्रीलंका को सौंप दिया था।

बालू ने उच्चतम न्यायालय के एक आदेश का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि जब तक संसद इसे मंजूरी नहीं दे देती और इसकी पुष्टि नहीं कर देती, भूमि को नहीं सौंपा जाना चाहिए।

बालू ने कहा, ‘‘कच्चातीवु को सौंपने की प्रक्रिया 1976 में हुई थी... राज्य सरकार या संसद से परामर्श नहीं किया गया। संसद के अनुमोदन के बिना यह (कच्चातीवु को सौंपना) असंवैधानिक है। इसे जल्द से जल्द वापस लिया जाना चाहिए।’’

बालू ने कहा कि कच्चातीवु, तमिलनाडु के मछुआरों के लिए आजीविका का एकमात्र क्षेत्र है और इसे (श्रीलंका को) सौंपना असंवैधानिक है।

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