देश की खबरें | टीएमसी ने कांग्रेस से ‘जमींदारी संस्कृति’ छोड़ने और ममता को ‘इंडिया’ का चेहरा बनाने का अनुरोध किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. नयी दिल्ली में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की बैठक से एक दिन पहले सोमवार को तृणमूल कांग्रेस ने कांग्रेस से अनुरोध किया कि वह अपनी ‘जमींदारी संस्कृति’ को त्यागकर ममता बनर्जी जैसे वरिष्ठ नेताओं को गठबंधन के चेहरे के तौर पर पेश करने की दिशा में काम करे। टीएमसी और कांग्रेस दोनों ही इस गठबंधन में शामिल हैं।

कोलकाता, 18 दिसंबर नयी दिल्ली में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की बैठक से एक दिन पहले सोमवार को तृणमूल कांग्रेस ने कांग्रेस से अनुरोध किया कि वह अपनी ‘जमींदारी संस्कृति’ को त्यागकर ममता बनर्जी जैसे वरिष्ठ नेताओं को गठबंधन के चेहरे के तौर पर पेश करने की दिशा में काम करे। टीएमसी और कांग्रेस दोनों ही इस गठबंधन में शामिल हैं।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) की मंगलवार को होने वाली बैठक में शामिल होने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में हैं और उन्होंने 2024 लोकसभा चुनाव के बाद गठबंधन की तरफ से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार का नाम घोषित करने की वकालत की है।

टीएमसी के प्रवक्ता कुणाल घोष ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘तीन राज्यों (के विधानसभा चुनाव) में मिली हार के बाद कांग्रेस को इससे सबक लेना चाहिए। इसे ‘जमींदारी संस्कृति’ को त्यागना होगा। पार्टी अपने साझेदारों के साथ अपनी प्रजा की तरह व्यवहार नहीं कर सकती। यह सुनिश्चित करने के लिए कि ‘इंडिया’ गठबंधन की जीत हो, उसे (कांग्रेस) तीन बार की मुख्यमंत्री और तीन बार की केंद्रीय मंत्री ममता बनर्जी और अन्य वरिष्ठ नेताओं को गठबंधन का चेहरा बनाना होगा।’’

कांग्रेस ने हाल में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में विधानसभा चुनाव अकेले लड़ा और भाजपा से हार गई।

घोष ने कहा, ‘‘कांग्रेस बार-बार भाजपा को हराने में विफल रही है। दूसरी ओर, ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी के पास कई बार भाजपा को हराने का रिकॉर्ड है।’’

इस टिप्पणी पर कांग्रेस की पश्चिम बंगाल इकाई ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

कांग्रेस प्रवक्ता सौम्या रॉय ने जोर देकर कहा, ‘‘हमें भाजपा के खिलाफ कैसे लड़ना है, इस बारे में टीएमसी से सबक लेने की जरूरत नहीं है। यह कांग्रेस है, जो लगातार भाजपा के खिलाफ लड़ रही है जबकि टीएमसी ने कई मौकों पर भाजपा के साथ समझौता किया है।’’

टीएमसी सूत्रों के अनुसार, पार्टी 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा के खिलाफ एक विश्वसनीय चुनौती पेश करने के लिए सीट-बंटवारे की बातचीत में तेजी लाने, एक सामूहिक विमर्श खड़ा करने और घोषणापत्र को अंतिम रूप देने के लिए उत्सुक है।

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