कोलकाता, 13 फरवरी तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने बृहस्पतिवार को वक्फ (संशोधन) विधेयक पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की रिपोर्ट को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा विपक्ष की आवाज बंद करने की कोशिश कर रही है।
इससे पहले दिन में वक्फ विधेयक पर संयुक्त संसदीय समिति की रिपोर्ट राज्यसभा में पेश की गई। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया कि रिपोर्ट से असहमति जताने वाले नोट हटा दिए गए।
लेकिन इस आरोप का केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने खंडन किया। वक्फ (संशोधन) विधेयक पर जेपीसी रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर बनर्जी ने कहा, ‘‘वे यही करते हैं। आपने देखा कि वे किस तरह विपक्ष की आवाज को दबाते हैं। ठीक है, देखते हैं, क्या होता है। जनता देख रही है।’’
राज्य विधानसभा में बुधवार को पेश किए गए पश्चिम बंगाल के बजट की आलोचना पर बनर्जी ने कहा, ‘‘जो लोग इसे दिशाहीन कहते हैं, उन्हें पहले इसे पढ़ना चाहिए। बिना समझे आलोचना करना एक चलन बन गया है।’’
उन्होंने उन्हें ‘खाली बर्तन’ करार देते हुए आरोप लगाया कि उनके पास केंद्रीय बजट में बंगाल को देने के लिए ‘कुछ भी नहीं’ है।
केंद्रीय बजट में आयकर में छूट की केंद्र सरकार की घोषणाओं की आलोचना करते हुए उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘भाजपा 12 लाख रुपये तक की आय पर कर छूट की बात कर रही है, लेकिन पानी को छोड़कर हर चीज पर जीएसटी लगाया गया है। वे जो भी देते हैं, जीएसटी के जरिए वापस ले लेते हैं।’’
दिल्ली चुनाव के नतीजों पर टिप्पणी करते हुए बनर्जी ने भाजपा पर आप सरकार को ठीक से काम करने से रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा, ‘‘उन्होंने दिल्ली सरकार को काम नहीं करने दिया और फिर प्रचार किया कि आप सरकार निकम्मी है। उन्होंने मुख्यमंत्री और मंत्रियों को सलाखों के पीछे डाल दिया। फिर वे कैसे काम करेंगे?’’
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