केरल में 'त्रिशूर पुरम' उत्सव बेहद सादगी से मनाया गया
आम तौर पर त्रिशूर शहर के तेक्किनाडु मैदान में रंगारंग कार्यक्रमों के साथ ही सजे-धजे हाथियों की परेड निकाली जाती है और इस मौके पर भारी संख्या में लोग एकत्रित होते हैं।
त्रिशूर, दो मई कोरोना वायरस की रोकथाम के मद्देनजर लागू देशव्यापी लॉकडाउन के बीच केरल में शनिवार को 'त्रिशूर पूरम' उत्सव बेहद सादगी से मनाया गया। वडक्कुनाथन मंदिर में चंद लोगों की मौजूदगी में अपरिहार्य अनुष्ठानों के साथ इसे मनाया गया।
आम तौर पर त्रिशूर शहर के तेक्किनाडु मैदान में रंगारंग कार्यक्रमों के साथ ही सजे-धजे हाथियों की परेड निकाली जाती है और इस मौके पर भारी संख्या में लोग एकत्रित होते हैं।
दुनियाभर से आए श्रद्धालु पारंपरिक संगीत की थाप पर जमकर थिरकते हैं। केरल में इसे एक प्रमुख त्यौहार माना जाता है। लेकिन, इस वर्ष तेक्किनाडु मैदान पूरी तरह सुनसान दिखा क्योंकि वडक्कुनाथन भगवान शिव मंदिर ने लॉकडाउन के कारण उत्सव को निरस्त करने का फैसला लिया।
राज्य सरकार और उत्सव का आयोजन करने वाले दो देवस्वोम बोर्ड के सदस्यों ने चर्चा की और 15 अप्रैल को मंदिर के पुजारियों के साथ विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से पूरम को निरस्त करने का फैसला लिया।
राज्य के मंत्री वी एस सुनील कुमार ने कहा, ''महामारी के कारण उत्पन्न असामान्य स्थितियों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार और देवस्वोम बोर्ड ने सर्वसम्मति से त्रिशूर पूरम (उत्सव) को निरस्त करने और केवल अपरिहार्य अनुष्ठान सम्पन्न करने का निर्णय किया।''
शनिवार को मंदिर में अनुष्ठान सम्पन्न किये गए जिसमें लगभग पांच लोगों ने ही हिस्सा लिया और श्रद्धालुओं को भीतर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
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