देश की खबरें | आत्मदाह के प्रयास की घटना के सिलसिले में तीन पुलिसकर्मी निलंबित, लखनऊ में चार के खिलाफ मामला दर्ज

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. अमेठी की गुडिया एवं उसकी मां साफिया द्धारा यहां आत्मदाह करने की कोशिश मामले में जिले के जामो थाने के प्रभारी निरीक्षक रतन सिंह सहित तीन पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, यहां इस घटना के सिलसिले में कांग्रेस नेता और एमआईएम नेता समेत चार लोगों के खिलाफ आपराधिक साजिश और महिला को उकसाने का मामला दर्ज किया गया है ।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

अमेठी/लखनऊ, 18 जुलाई अमेठी की गुडिया एवं उसकी मां साफिया द्धारा यहां आत्मदाह करने की कोशिश मामले में जिले के जामो थाने के प्रभारी निरीक्षक रतन सिंह सहित तीन पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, यहां इस घटना के सिलसिले में कांग्रेस नेता और एमआईएम नेता समेत चार लोगों के खिलाफ आपराधिक साजिश और महिला को उकसाने का मामला दर्ज किया गया है ।

इस घटना को लेकर विपक्षी दलों--बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी ने उप्र सरकार पर हमला बोला है ।

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जिलाधिकारी अरूण कुमार एवं पुलिस अधीक्षक ख्याति गर्ग ने बताया कि कि साफिया का उसके पडोसी से नाली विवाद था जिसके चलते नौ जुलाई को मारपीट हुई थी। पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सभी को भादंसं की धारा 107/116 के तहत पाबंद भी किया था।

गर्ग ने बताया कि गुडिया (55 वर्ष) एंव उसकी मां ने आत्मदाह के संबंध में कोई पत्र नहीं दिया था और न ही खुफिया विभाग की कोई रिर्पोट थी। इस मामले में थाना प्रभारी जामो, हल्का उप निरीक्षक एंव सिपाही को निलंबित किया गया है । मामले की जाँच अपर पुलिस अधीक्षक को सौपी गयी है, जांच रिर्पोट आने के बाद आगे की कार्रवाइ की जायेगी।

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पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडे ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘ प्रथम दष्टया ऐसी जानकारी मिली है कि यह पूरी घटना एक साजिश के तहत हुई है । यह एक आपराधिक साजिश है जिसके तहत महिला को कुछ लोगों ने इस काम के लिये उकसाया ।''

उन्होंने बताया कि हजरतगंज थाना में इस मामले में एमआईएम नेता कदीर खान और कांग्रेस नेता और पूर्व प्रवक्ता अनूप पटेल एवं आसमा नामक एक महिला और सुल्तान नामक एक पुरूष के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है ।

पांडे ने बताया, ‘‘ इन दोनों मां-बेटी से कहा गया था कि वे लखनऊ आयें तब उनकी मांग सुर्खियों में आयेंगी। हमारे पास इस बात के सबूत है कि ये उप्र कांग्रेस पार्टी के कार्यालय में अनूप पटेल से मिले । इस संबंध में लखनऊ के एक मीडिया कर्मी से संपर्क किया गया और उससे बात की गयी । मीडियाकर्मी ने इस बात की पुष्टि की है कि उससे इस मामले को सुर्खियां में लाने कहा गया था । सबूतों के अनुसार अनूप पटेल ने इन दोनो मां बेटी को आग लगाने के लिये उकसाया । ’’

इस बीच श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल के अधीक्षक आशुतोष दुबे ने शनिवार को बताया कि मां करीब 90 प्रतिशत जल गयी है और उनकी हालत गंभीर है जबकि बेटी 15 प्रतिशत जली है और उनकी हालत स्थिर है । मां को जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है ।

पुलिस ने बताया कि शुक्रवार शाम लगभग साढ़े पांच बजे यहां लोकभवन के सामने जब अमेठी की इन दो महिलाओं ने खुद पर कैरोसिन छिड़का और आग लगा ली तब वहां मौजूद पुलिस वाले तुरंत उनकी ओर भागे। इनमें से आग की लपटों से घिरी एक महिला के भागने का वीडियो सोशल मीडिया पर फैल गया। उन्होंने भूमि विवाद के मामले में पुलिस द्वारा कथित तौर पर कार्रवाई नहीं किए जाने के विरोध में ऐसा किया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों को सिविल अस्पताल की बर्न यूनिट में भर्ती कराया गया। उनकी हालत गंभीर बताई जाती है।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जानकारी के मुताबिक अमेठी के जामो में उनका कोई विवाद है। वे यहां आयीं लेकिन किसी से संपर्क नहीं किया और सीधे लोकभवन पहुंचकर आत्मदाह का प्रयास किया। मामले की जांच की जा रही है।

यह घटना अत्यंत कड़ी सुरक्षा वाली जगह पर हुई थी, जहां विधान भवन और लोकभवन हैं। लोक भवन में ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कार्यालय है।

दूसरी ओर आत्महत्या के प्रयास की घटना पर पर विपक्षी दलों-- बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) ने उत्तर प्रदेश सरकार पर हमला बोला है ।

बसपा सुप्रीमो मायावती ने शनिवार को ट्वीट किया, ''जमीन विवाद प्रकरण में अमेठी जिला प्रशासन से न्याय न मिलने पर माँ-बेटी को लखनऊ में सीएम कार्यालय के सामने आत्मदाह करने को मजबूर होना पड़ा। यूपी सरकार इस घटना को गम्भीरता से ले तथा पीड़ित को न्याय दे एवं लापरवाह अफसरों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करे ताकि ऐसी घटना पुनः न हों।''

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को ट्वीट किया ''लोकभवन के सामने दो महिलाओं द्वारा आत्मदाह की घटना, सोती हुई सरकार को जगाने के लिए क्या काफ़ी नहीं है या फिर असंवेदनशील सरकार व मुख्यमंत्री जी किसी और बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहे हैं । क्या उप्र में सरकार नाम की कोई चीज़ है !''

जफर सं

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