देश की खबरें | आजकल परमाणु युद्ध की धमकी देना आम बात हो गई है: पूर्व राजनयिक राजीव डोगरा
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नयी दिल्ली, 22 सितंबर पूर्व राजनयिक और लेखक राजीव डोगरा ने इस चलन को परेशान करने वाला बताया है कि आजकल परमाणु युद्ध की धमकी देना आम बात हो गई है जबकि हाल तक इस बारे में बोलने से परहेज़ किया जाता था।
डोगरा ने कहा कि अगले बड़े युद्ध का डर लगभग आसन्न है और "अब हमारे पास नेतृत्व के साथ अधिकतम विनाश के साधन हैं” और नेतृत्व संभवत: इसका जिम्मेदार नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि परमाणु हथियारों की व्यापक उपलब्धता के साथ दुनिया ‘टाइम बम’ पर बैठी है। उनका कहा है कि हाल तक परमाणु जंग की धमकी देने से परहेज़ किया जाता था लेकिन अब तो यह आम बात हो गई जो परेशान करने वाली है।
डोगरा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के हाल के बयान का हवाला दे रहे थे जिसमें रूसी नेता ने कहा था कि उनका देश अपने क्षेत्र की रक्षा करने के लिए सभी साधनों का इस्तेमाल करेगा।
इटली और रोमानिया में भारत के राजदूत रहे चुके पूर्व राजनयिक ने कहा कि बालाकोट पर हवाई हमलों के बाद पाकिस्तान के एक रक्षा अधिकारी ने कहा था कि उनका मुल्क पूर्ण युद्ध के लिए तैयार था जिससे संकेत मिलता था कि जंग में परमाणु हथियारों का इस्तेमाल किया जाएगा।
उन्होंने ब्रिटेन की नई प्रधानमंत्री लिज़ ट्रस के बयान का भी हवाला दिया जिसमें उन्होंने परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने को लेकर तैयार रहने की बात कही थी।
डोगरा ने यह टिप्पणियां अपनी नई किताब ‘वॉर टाइम: द वर्ल्ड इन डेंजर’ पर यहां बुधवार को हुई चर्चा के दौरान कीं। यह चर्चा ‘विश्व शांति दिवस’ के मौके पर की गई थी जिसका संचालन पूर्व नौकरशाह एवं लेखक सुमित दत्त मजूमदार ने किया। यह ‘भवन बुकफेस्ट 2022’ के तहत आयोजित की गई थी।
बाद में यह पूछे जाने पर कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल में पुतिन के साथ मुलाकात के दौरान उनसे कहा था कि यह यूक्रेन में युद्ध का समय नहीं है, तो डोगरा ने कहा कि यह एक "स्वागत योग्य कदम" है।
उन्होंने कहा, "यह पहली बार है जब किसी ने खुले तौर पर यह कहा है ... बैठकें और टेलीफोन कॉल हुए हैं... लेकिन किसी ने इसे शांति के पक्ष में स्पष्ट रूप से व्यक्त नहीं किया है जैसा कि प्रधान मंत्री मोदी ने किया। यह एक स्वागत योग्य कदम है और अन्य नेताओं को चाहिए उस उदाहरण का अनुसरण करें और उस पर काम करें।’’
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