प्राग के वेन्सेस्लास स्क्वायर में 11 मार्च को किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद यह दूसरा विरोध प्रदर्शन है, जिसका आयोजन ‘पीआरओ’ नाम के एक नए राजनीतिक दल ने किया। इस प्रदर्शन का आयोजन ‘गरीबी के खिलाफ’ के बैनर तले किया गया।
विरोध प्रदर्शन कर रहे जनवादी समूह के प्रमुख जिंदरीच राजचल ने देश में बढ़ती महंगाई के लिए चेक सरकार और यूरोपीय संघ को दोषी ठहराया तथा सरकार से इस्तीफे की मांग की।
राजचल ने लोगों से कहा, “हम सरकार का इस्तीफा चाहते हैं।” पेशे से वकील राजचल चेक सॉकर एसोसिएशन के पूर्व उप प्रमुख हैं।
प्रदर्शनकारियों ने ‘इस्तीफा, इस्तीफा’ के नारे लगाए।
राजचल ने कहा, “हम यहां अपने देश के लोगों के साथ खड़े हैं।” राजचल के समूह के पास संसद में कोई सीट नहीं है। उनके समूह का नाम अंग्रेजी में ‘लॉ, रेसपेक्ट , एक्सपर्टीज’ है।
राजचल ने दावा किया कि उनका समूह विरोध प्रदर्शन को और तेज करने के लिए तैयार है।
देश में हाल के महीने में मुद्रास्फीति में गिरावट आने के बाद भी यह उच्च स्तर पर है। देश में मार्च में मुद्रास्फीति 15 प्रतिशत, फरवरी में 16.7 प्रतिशत और जनवरी में 17.5 प्रतिशत थी।
प्रदर्शन कर रहे कुछ लोग एक याचिका पर हस्ताक्षर कर रहे थे, जिसमें मांग की गई थी कि देश नाटो को छोड़ दे।
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