विदेश की खबरें | लोकतांत्रिक स्वतंत्रताओं का दुरूपयोग करने वालों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए: नरेन्द्र मोदी

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श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

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लंदन, 24 जुलाई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को अपने ब्रिटिश समकक्ष कीर स्टार्मर से मुलाकात के बाद कहा कि चरमपंथी विचारधारा वाली शक्तियों को लोकतांत्रिक स्वतंत्रता का दुरुपयोग करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

मोदी की यह टिप्पणी ब्रिटेन में खालिस्तानी समर्थक तत्वों की गतिविधियों को लेकर भारत में बढ़ती चिंता के बीच आई है।

मोदी ने यह भी कहा कि भारत और ब्रिटेन दोनों इस बात पर ‘एकमत हैं कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरे मानदंडों के लिए कोई जगह नहीं हो सकती।’

उन्होंने पहलगाम आतंकवादी हमले की ‘कड़ी’निंदा करने के लिए ब्रिटिश सरकार को धन्यवाद दिया।

मोदी ने यह बात स्टार्मर द्वारा चेकर्स में की गयी उनकी मेजबानी के बाद कही। चेकर्स ब्रिटिश प्रधानमंत्री का ग्रामीण आवास है जो लंदन से 50 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित है।

प्रधानमंत्री ने मीडिया को जारी किये गये वक्तव्य में कहा, ‘‘हम इस बात पर सहमत हैं कि चरमपंथी विचारधारा वाली शक्तियों को लोकतांत्रिक स्वतंत्रता का दुरुपयोग करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। जो लोग लोकतंत्र को कमजोर करने के लिए लोकतांत्रिक स्वतंत्रता का दुरुपयोग करते हैं, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।’’

ब्रिटेन में खालिस्तान समर्थक तत्वों की गतिविधियों खासकर मार्च 2023 में लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग पर हुए हमले के बाद भारत में चिंताएं बढ़ रही हैं।

भारत, ब्रिटिश धरती पर खालिस्तान समर्थक तत्वों की गतिविधियों को लेकर ब्रिटेन के समक्ष अपनी चिंताओं से अवगत कराता रहा है।

बताया जा रहा है कि प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में इस मुद्दे पर चर्चा हुई।

प्रधानमंत्री ने आतंकवाद की चुनौती का दृढ़ता से मुकाबला करने की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया।

मोदी ने कहा, ‘‘हम पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा के लिए प्रधानमंत्री स्टार्मर और उनकी सरकार का आभार व्यक्त करते हैं। हम इस बात पर एकमत हैं कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरे मापदंडों के लिए कोई जगह नहीं हो सकती।’’

समझा जा रहा है कि बातचीत में सीमा पार आतंकवाद की भारत की चुनौती पर भी चर्चा हुई।

मीडिया ब्रीफिंग में, विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि मोदी और स्टार्मर ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को मजबूत करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

उन्होंने कहा, ‘‘यह बात रेखांकित की गई कि चरमपंथ और कट्टरपंथ दोनों समाजों के लिए खतरा हैं तथा आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरपंथ की बुराइयों से निपटने के लिए द्विपक्षीय सहयोग एवं समन्वय को और बढ़ाने की आवश्यकता है।’’

मोदी और स्टार्मर के बीच बातचीत मुख्यतः व्यापार, निवेश, रक्षा एवं सुरक्षा, शिक्षा और स्वच्छ प्रौद्योगिकी समेत विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने पर केंद्रित रही।

दोनों पक्षों ने एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य दोनों अर्थव्यवस्थाओं को बढ़ावा देना, 99 प्रतिशत भारतीय निर्यात पर शुल्क कम करना, हजारों नौकरियां पैदा करना और ब्रिटिश व्हिस्की, कारों और कई अन्य वस्तुओं पर शुल्क कम करना है।

इस समझौते को आधिकारिक तौर पर व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (सीईटीए) नाम दिया गया है, जिस पर वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटिश व्यापार सचिव जोनाथन रेनॉल्ड्स ने भारत और ब्रिटेन के प्रधानमंत्रियों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए।

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