नयी दिल्ली, छह अगस्त कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्ष पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘क्विट इंडिया’ तंज को लेकर रविवार को पलटवार करते हुए कहा कि यह ‘हमारी जीत’ है कि जिन लोगों को 75 वर्षों तक ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ याद नहीं आया, वे अब इसे याद कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री द्वारा 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की आधारशिला रखने के लिए एक कार्यक्रम को संबोधित करने के कुछ घंटों बाद खरगे ने मोदी पर यह पलटवार किया।
मोदी ने कार्यक्रम में विपक्ष पर ‘‘नकारात्मक राजनीति’’ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ‘भारत छोड़ो’ आंदोलन से प्रेरित होकर पूरा देश ‘भ्रष्टाचार, वंशवाद और तुष्टिकरण-भारत छोड़ो’ का समर्थन कर रहा है।
खरगे ने मोदी पर पलटवार करते हुए कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी, पिछले 10 सालों से आपने केवल तोड़ने की नकारात्मक राजनीति की है। आपकी वाणी से अब ‘इंडिया’ के लिए भी कटु शब्द निकल रहे हैं।’’
पिछले महीने बेंगलुरु में विपक्षी दलों की एक बैठक में खरगे ने विपक्षी गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव एलायंस (इंडिया) की घोषणा की थी।
खरगे ने कहा, ‘‘पिछले तीन महीने से मणिपुर हिंसा को आप काबू नहीं कर पाए हैं। आपकी विभाजनकारी राजनीति ने समुदायों को आपस में इस तरह लड़ाया कि वहां गृह युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। अब तक करीब 150 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं।’’
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि हरियाणा में जो हो रहा है उसे पूरा देश देख रहा है, जहां दशकों से दंगा नहीं हुआ था, वहां आपकी सरकार और आपके संघ परिवार (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एवं इससे संबद्ध संगठन) के लोग भाई को भाई से लड़वा रहे हैं।
खरगे ने कहा कि कट्टरपंथी अपराधी समाज के शत्रु हैं, चाहे वो किसी भी धर्म के हों।
उन्होंने कहा, ‘‘आपने पिछले 10 वर्षों में इस देश को केवल बेरोजगारी, महंगाई, आर्थिक असमानता, गरीबी, महिला असुरक्षा, दलित उत्पीड़न और सामाजिक अन्याय दिया है। इन सबको समाप्त करने की जरूरत है। यह आपके सरकार के लिए असंभव लगता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जनता में निराशा है। समस्याओं का निराकरण करने के बजाय प्रधानमंत्री जी रोज अपने लिए एक नये उद्घाटन कार्यक्रम ढूंढ़ते हैं।’’
खरगे ने आरोप लगाया,‘‘आपके राजनीतिक पूर्वजों ने भारतीय को भारतीयों के खिलाफ किया, अंग्रेज़ी हुकूमत का साथ दिया, मुखबिरी की और भारत छोड़ो (आंदोलन)का कड़ा विरोध किया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘(महात्मा) गांधी की हत्या की साजिश में (उनकी) संदेहपूर्ण भूमिका रही। राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का विरोध किया। आजादी के बाद 52 साल तक उसे फहराया नहीं। सरदार (वल्लभभाई) पटेल को उन्हें तिरंगे का बहिष्कार करने के लिए चेतावनी देनी पड़ी।’’
खरगे ने कहा, ‘‘भारत जुड़ेगा, इंडिया जीतेगा।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY