देश की खबरें | भारत में कोविड-19 टीका विकसित करने वालों को ‘‘कठिन मूल्यांकन प्रक्रिया’’ से गुजरना होगा: विजयराघवन

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्र सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के. विजयराघवन ने शुक्रवार को कहा कि भारत में कोविड-19 टीका विकसित करने वालों को ‘‘कठिन मूल्यांकन प्रक्रिया’’ से गुजरना होगा, जिससे किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

नयी दिल्ली,10 जुलाई केंद्र सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के. विजयराघवन ने शुक्रवार को कहा कि भारत में कोविड-19 टीका विकसित करने वालों को ‘‘कठिन मूल्यांकन प्रक्रिया’’ से गुजरना होगा, जिससे किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

विजयराघवन ने अपने इस बयान से यह संकेत दिया है कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर)-भारत बायोटेक द्वारा विकसित टीके के 15 अगस्त तक आने की संभावना कम है।

यह भी पढ़े | दिल्ली में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 2089 नए मामले, 2468 हुए ठीक: 10 जुलाई 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

विजयराघवन ने नयी दिल्ली स्थित थिंक टैंक ‘विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन’ में एक वेब सेमिनार को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी टीके को मानव पर परीक्षण के प्रथम चरण में 28 दिन लगते हैं तथा इसके बाद दो और चरण के परीक्षण होते हैं।

देश के औषधि नियामक ने भारत बायोटेक और जायडस कैडिला को टीका परीक्षण की हरी झंडी दे दी है।

यह भी पढ़े | India-China Face-off: लद्दाख के तीन इलाकों से हटी चीन की सेना, एलएसी पर तनाव कम करने के लिए आज फिर हुई वार्ता.

विजयराघवन ने कहा, ‘‘इसलिए, भारत बायोटेक के टीके या जायडस कैडिला के टीके को कठिन मूल्यांकन प्रक्रिया से होकर गुजरना पड़ेगा, जिससे किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। ’’

आईसीएमआर ने 15 अगस्त तक स्वदेशी कोविड-19 टीका पेश करने का लक्ष्य रखते हुए चुनिंदा मेडिकल संस्थानों एवं अस्पतालों को पत्र लिखकर भारत बायोटेक के सहयोग से विकिसत ‘कोवैक्सीन’ टीके के लिए चिकित्सीय परीक्षण (क्लिनिकल ट्रायल) मंजूरी में तेजी लाने को कहा था।

आईसीएमआर के पत्र पर सवाल पूछे जाने पर विजयराघवन ने कहा, ‘‘आज 10 जुलाई है और कह सकते हैं कि प्रथम चरण का परीक्षण आज से शुरू हो रहा है। वे सभी 12 स्थानों पर एक ही समय पर शुरू होंगे...(जिसकी) संभावना नहीं है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मान लीजिए कि वे एक ही समय पर शुरू होते हैं। प्रथम चरण में एक इंजेक्शन लगेगा, फिर सात दिन बाद एक और इंजेक्शन लगेगा तथा तब 14 दिन के बाद जांच की जाएगी और फिर निर्णय लेने से पहले नतीजों पर गौर किया जाएगा, अर्थात् 28 दिन बाद...। ’’

विजयराघवन ने कहा कि परीक्षण के प्रथम चरण के बाद दो और चरण होंगे।

उन्होने कहा, ‘‘इसलिए किसी टीके के लिए समयसीमा, यदि हम वैश्विक स्तर पर देखें, तो प्रथम चरण के बाद तीसरे चरण के परीक्षण में कई महीने लगेंगे।’’

विशेषज्ञों ने कोविड-19 का टीका विकसित करने की प्रक्रिया में हड़बड़ी करने के प्रति आगाह किया है और इस बात पर जोर दिया है कि महामारी रोधी टीका विकसित करने में जल्दबाजी करना वैश्विक रूप से स्वीकार्य नियमों के अनुरूप नहीं है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\