नयी दिल्ली, 15 फरवरी किसानों के ‘दिल्ली चलो’ आंदोलन के तीसरे दिन बृहस्पतिवार को दिल्ली और हरियाणा सीमा के दो प्रमुख बिंदु यातायात के लिए बंद रहे, जबकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने का प्रशिक्षण प्राप्त सुरक्षाकर्मियों ने अपनी अचूक तैयारी सुनिश्चित करने के लिए अभ्यास किया।
अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की आंसू गैस गोला इकाई से 30,000 से अधिक आंसू गैस के गोले मांगे हैं।
पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवान राष्ट्रीय राजधानी की सीमा की गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रहे हैं।
इस संबंध में एक अधिकारी ने कहा कि कड़ी निगरानी, कर्मियों की भारी तैनाती और बहुस्तरीय अवरोधक लगे रहेंगे क्योंकि प्रदर्शनकारी किसान अभी भी अंबाला के पास पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू सीमा पर बैठे हैं।
दिल्ली पुलिस ने अर्धसैनिक बलों के जवानों के साथ मिलकर किसी भी स्थिति से निपटने का पूर्वाभ्यास किया। इसके तहत उन्हें सिंघू और टिकरी बॉर्डर पर दंगा-रोधी साजो-सामान के साथ अवरोधकों की ओर बढ़ने के लिए कहा गया। उनके वरिष्ठों ने उन्हें ऐसा व्यवहार करने का आदेश दिया कि मानो वे किसी भीड़ को नियंत्रित कर रहे हों।
सीमा बंद होने के कारण स्थानीय लोगों को कार्यालय जाने में चुनौतियों का सामना करना पड़ा। बलों ने संकरी गलियों को भी खोद दिया, ताकि किसान दिल्ली में प्रवेश करने के लिए उनका उपयोग न कर सकें।
टिकरी बॉर्डर पर स्थानीय व्यापारियों ने बैनर लगाकर प्रदर्शनकारी किसानों से अनुरोध किया कि वे ‘उनके व्यवसायों को उनके परिवारों के लिए चलने दें’’।
हालांकि, बोर्ड परीक्षाएं बिना किसी परेशानी के आयोजित की गईं और दिल्ली के सीमावर्ती क्षेत्रों में परीक्षा के आयोजन में कोई देरी नहीं हुई। छात्रों को टिकरी बॉर्डर के पास परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में मदद करने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक के अधिकारियों द्वारा वाहनों की व्यवस्था की गई थी।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शनकारी किसानों के समर्थन में संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) द्वारा किए गए ‘भारत बंद’ के आह्वान के मद्देनजर बल अत्यंत सतर्क हैं।
सुरक्षाकर्मी तीसरे सीमा बिंदु-गाजीपुर पर भी तैनात रहे। शाम को मेरठ से 50 किसानों का जत्था अपनी कारों से पहुंचा। उन्हें उत्तर प्रदेश पुलिस ने हिरासत में लिया क्योंकि वे गाजीपुर सीमा पर धरना देना चाहते थे।
दिल्ली पुलिस ने गाजीपुर बॉर्डर पर फ्लाईओवर के दो लेन पर सीमेंट के अवरोधक, कंटीले तार और कीलों के बहुस्तरीय अवरोधक लगाए हैं। हालांकि, अन्य लेन यात्रियों के लिए खुली हैं।
अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर के टेकनपुर में स्थित बीएसएफ की आंसू गैस इकाई से 30,000 से अधिक आंसू गैस के गोलों की मांग की है। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि पुलिस अधिक आंसू गैस के गोले जमा करना चाहती है।
‘दिल्ली चलो’ मार्च में शामिल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हरियाणा पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ पंजाब में कई स्थानों पर किसानों ने रेल पटरियों को बाधित कर दिया जिसकी वजह से दिल्ली-अमृतसर मार्ग पर कुछ ट्रेन का मार्ग परिवर्तन करना पड़ा है।
किसानों ने कई टोल प्लाजा पर धरना भी दिया और अधिकारियों पर यात्रियों से टोल शुल्क न लेने के लिए दबाव डाला।
भारतीय किसान यूनियन (एकता उग्राहां) और बीकेयू दकौंदा (धानेर) ने बृहस्पतिवार को राज्य में चार घंटे तक ‘रेल रोको’ आंदोलन का आह्वान किया।
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