ताजा खबरें | परिसीमन रिपोर्ट के खिलाफ जम्मू कश्मीर में नहीं हुआ बड़े स्तर का विरोध: सरकार

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा कि परिसीमन आयोग की रिपोर्ट के खिलाफ जम्मू एवं कश्मीर में बड़े स्तर का कोई विरोध नहीं हुआ, हालांकि इस बारे में विभिन्न राजनीति दलों के अलग-अलग मत थे।

नयी दिल्ली, 27 जुलाई केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा कि परिसीमन आयोग की रिपोर्ट के खिलाफ जम्मू एवं कश्मीर में बड़े स्तर का कोई विरोध नहीं हुआ, हालांकि इस बारे में विभिन्न राजनीति दलों के अलग-अलग मत थे।

केंद्रीय गृह राजयमंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में यह बात कही। उनसे पूछा गया था कि क्या जम्मू और कश्मीर में विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन की रिपोर्ट के संबंध में व्यापक आक्रोश है।

इसके जवाब में राय ने कहा, ‘‘जम्मू और कश्मीर सरकार ने यह सूचित किया है कि परिसीमन आयोग की रिपोर्ट का बड़े स्तर पर कोई विरोध नहीं हुआ था। हालांकि विभिन्न राजनीतिक दलों ने इस रिपोर्ट पर अलग-अलग मत प्रकट किए हैं।

नेशनल कांफ्रेंस, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और कई अन्य दलों ने इस रिपोर्ट की आलोचना की थी।

नेशनल कांफ्रेस ने कहा था कि यह रिपोर्ट ‘‘सभी तर्कों की अवहेलना’’ करती है और कोई राजनीतिक, सामाजिक या प्रशासनिक कारण इसकी सिफारिशों को न्यायोचित नहीं ठहरा सकते।

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने जम्मू कश्मीर पर परिसीमन आयोग की रिपोर्ट को खारिज करते हुए आरोप लगाया था कि यह आयोग ‘भाजपा की विस्तारित इकाई बन गया’ है।

महबूबा ने कहा था, ‘‘किस परिसीमन की बात कर रहे हैं आप? उस परिसीमन आयोग की, जो भाजपा की विस्तार इकाई बन गया है? उसने जनसंख्या के बुनियादी मानदंड की अनदेखी की है और उनकी इच्छाओं के विपरीत क्षेत्रों को जोड़ा या घटाया है। हम इसे खारिज करते हैं, हमें इसमें कोई भरोसा नहीं है।’’

जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन कानून, 2019 के तहत स्थापित परिसीमन आयोग के आदेशों के अनुसार, केंद्र शासित प्रदेश में 90 विधानसभा क्षेत्र होंगे। इनमें जम्मू संभाग में 43 और कश्मीर में 47 विधानसभा क्षेत्र होंगे, जिनमें से नौ सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित होगी।

जम्मू कश्मीर जब राज्य था उस समय 87 सीट थीं। इनमें कश्मीर में 46, जम्मू में 37 और लद्दाख में चार सीट थी। राज्य के पुनर्गठन के दौरान, लद्दाख को एक अलग केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया गया, जहां विधायिका का प्रावधान नहीं है।

राय ने कहा कि परिसीमन आयोग ने जम्मू और कश्मीर संघ शासित प्रदेश का परिसीमन कार्य वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों और जम्मू एवं कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 और परिसीमन अधिनियम, 2002 की विभिन्न धाराओं के तहत निर्धारित मानदंड के आधार पर किया था।

उन्होंने कहा कि आयोग ने अधिक दूरी पर स्थित होने के कारण अपर्याप्त संचार और जन सुविधाओं की कमी वाले भौगोलिक क्षेत्रों अथवा अंतराष्ट्रीय सीमा की प्रतिकूल परिस्थितियों के प्रतिनिधित्व पर भी विचार किया है।

राय ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि उपयुक्त समय पर जम्मू एवं कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल कर दिया जाएगा।

दरअसल, उनसे पूछा गया था कि क्या गृह मंत्री ने संसद में कहा था कि संघ राज्य क्षेत्र जम्मू एवं कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल कर दिया जाएगा और यदि हां तो कब तक, और यदि नहीं तो इसके क्या कारण हैं।

राय ने इसका जवाब देते हुए कहा, ‘‘जी, हां। जम्मू और कश्मीर को राज्य का दर्जा उपयुक्त समय पर प्रदान कर दिया जाएगा।’’

उन्होंने कहा कि परिसीमन आयोग ने जम्मू और कश्मीर संघ राज्य क्षेत्र के संसदीय और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के लिए 14 मार्च 2022 और 05 मई, 2022 को आदेश अधिसूचित किए हैं।

जम्मू एवं कश्मीर में चुनाव कराए जाने संबंधी एक सवाल का जवाब देते हुए राय ने कहा कि चुनावों के आयोजन का निर्णय भारत के चुनाव आयोग के विशेषाधिकार में आता है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

GT vs MI, IPL 2026 30th Match Date And Time: कब और कितने बजे से खेला जाएगा गुजरात टाइटंस बनाम मुंबई इंडियंस के बीच रोमांचक मुकाबला? इस स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें, यहां जानें वेन्यू समेत मैच से जुड़ी सभी जानकारी

PBKS vs LSG, IPL 2026 29th Match Scorecard: चंडीगढ़ मुकाबले में पंजाब किंग्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स को 54 रनों दी पटखनी, लगाया जीत का पंजा; यहां देखें मैच का स्कोरकार्ड

Will MS Dhoni Play in MI vs CSK IPL 2026 Match: मुंबई इंडियंस बनाम चेन्नई सुपरकिंग्स के मुकाबले से पहले बड़ी खबर, क्या आईपीएल 2026 में वापसी करेंगे एमएस धोनी? फिटनेस को लेकर आया अपडेट

Manipur Tension: मणिपुर में फिर बढ़ा तनाव, उखरुल में पूर्व सैनिक समेत दो की हत्या से हालात बिगड़े; संदिग्ध उग्रवादियों पर FIR दर्ज