जरुरी जानकारी | आरबीआई के कार्यकारी निदेशक ने कहा, वित्तीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र के नियमन का कोई निश्चित तरीका नहीं
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के कार्यकारी निदेशक अजय चौधरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि वित्तीय प्रौद्योगिकी (फिनटेक) कंपनियों के नियमन का कोई ‘निश्चित तरीका’ नहीं है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कारोबार को संतुलित तरीके से संचालित करने की जिम्मेदारी फिनटेक इकाइयों की है।
मुंबई, 22 सितंबर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के कार्यकारी निदेशक अजय चौधरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि वित्तीय प्रौद्योगिकी (फिनटेक) कंपनियों के नियमन का कोई ‘निश्चित तरीका’ नहीं है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कारोबार को संतुलित तरीके से संचालित करने की जिम्मेदारी फिनटेक इकाइयों की है।
उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की व्यवस्थित वृद्धि के लिए नई पेशकश के दौरान इन इकाइयों की मंशा सही होनी चाहिए।
चौधरी ने यहां ‘ग्लोबल फिनटेक फेस्ट’ में कहा, ‘‘फिनटेक को विनियमित करने का कोई निश्चित तरीका नहीं है, जो वित्तीय प्रणाली और ग्राहकों को जोखिमों से बचाने के साथ ही उनके सकारात्मक प्रभाव को बढ़ाने का काम करे।''
उन्होंने कहा, ‘‘यदि लक्ष्य ग्राहकों के हितों की रक्षा करना और उन्हें आगे मजबूत करना तथा वित्तीय प्रणाली का व्यवस्थित विकास करना है, तो इस संतुलन को कायम करने का काम फिनटेक क्षेत्र को ही करना होगा।’’
उन्होंने आगे कहा, ‘‘मेरा मानना है कि जीवन में या व्यवसाय में, संतुलन सही चीजों पर ध्यान केंद्रित करने से आता है। मेरी राय में यह केवल विनियमन से नहीं आ सकता है। विनियमन केवल सहायक हो सकता है, जबकि फिनटेक को खुद संतुलन कायम करना होगा।''
यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब रिजर्व बैंक फिनटेक क्षेत्र पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहा है और डिजिटल ऋण देने वाले ऐप को लेकर हाल ही में जारी दिशानिर्देशों पर कुछ इकाइयों ने चिंता जताई है।
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