देश की खबरें | यूएपीए के तहत किसी को फंसाने का कोई सवाल ही नहीं है : अमरिंदर

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) का पंजाब में ‘अंधाधुंध’ इस्तेमाल किये जाने के खिलाफ शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल के आगाह करने के एक दिन बाद मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि आतंकवाद रोधी कानून के तहत किसी को फंसाने का कोई सवाल ही नहीं है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

चंडीगढ़ , 29 जुलाई गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) का पंजाब में ‘अंधाधुंध’ इस्तेमाल किये जाने के खिलाफ शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल के आगाह करने के एक दिन बाद मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि आतंकवाद रोधी कानून के तहत किसी को फंसाने का कोई सवाल ही नहीं है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वह पंजाब और राष्ट्र की सुरक्षा एवं अखंडता की हिफाजत के लिये कानून के तहत हर चीज करेंगे। उन्होंने कहा कि शिअद प्रमुख की धमकी राज्य के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने से उन्हें रोक नहीं सकती।

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शिरोमणि अकाली दल (शिअद) प्रमुख ने राज्य पुलिस द्वारा यूएपीए का ‘अंधाधुंध’ इस्तेमाल किये जाने के खिलाफ आगाह किया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बादल के दावे के मुताबिक, यदि यूएपीए के तहत पंजाब पुलिस द्वारा गिरफ्तारी या मामला दर्ज करने के गलत उदाहरण हैं तो वह अनावश्यक शोर मचाने के बजाय उन्हें उसकी एक सूची भेज सकते हैं।

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अमरिंदर ने बादल से अपील की कि वह, पुलिस बल के खिलाफ युवाओं को उकसाने की कोशिश कर उन्हें अलगाववादियों के हाथों की कठपुतली न बनने दें।

उन्होंने बादल को याद दिलाया कि शिअद-भाजपा शासन में पंजाब में यूएपीए के 60 से अधिक मामले दर्ज किये गये थे, जिनमें से 19 मामले 2010 में और 12 मामले 2017 में थे।

उन्होंने एक बयान में कहा इन मामलों में गिरफ्तार किये गये 225 लोगों में से 120 को बरी या आरोपमुक्त कर दिया गया। इससे संकेत मिलता है कि अकालियों ने इस कानून का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया।

मुख्यमंत्री ने शिअद प्रमुख की राज्य पुलिस, खासतौर पर पुलिस महानिदेशक के खिलाफ राजनीति से प्रेरित दुष्प्रचार के साथ पंजाब के हितों से समझौता करने की कथित कोशिशों को लेकर भी आलोचना की।

अमरिंदर ने कहा कि यह दुखद है कि सिखों का संरक्षक होने का दावा करने वाली पार्टी का नेतृत्व कर रहे बादल साम्प्रदायिक आधार पर सिखों को बांटने का मंसूबा रखने वाले अलगाववादियों और आतंकी गतिविधियों के खिलाफ पंजाब पुलिस का विरोध कर रहे हैं।

पंजाब में आतंकवादियों को भेजने और हथियारों की तस्करी बढ़ाने की पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की कोशिशों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ना सिर्फ राज्य की, बल्कि भारत की भी इन तत्वों से हिफाजत करने के लिये आवश्यक कदम उठाने को लेकर प्रतिबद्ध है।

उन्होंने सिख्स फॉर जस्टिस (एसएफजे) संगठन का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ ताकतें आतंकी गतिविधियों के जरिये और अलगावादी विचारधारा को बढ़ावा देकर राष्ट्र को अस्थिर करने पर आमादा है।

उन्होंने कहा कि बादल को यह पता होना चाहिए कि एसएफजे को केंद्र द्वारा गैरकानूनी संगठन और इसके प्रमुख गुरपतवंत पनून को आतंकवादी घोषित किया गया है। साथ ही, सभी राज्यों के पुलिस बल राष्ट्रीय सुरक्षा में खलल डालने की इनकी कोशिशों को नाकाम करने के लिये कर्तव्यबद्ध हैं।

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