देश की खबरें | संविधान के अलावा किसी का दबाव नहीं रहा : राज्यपाल मिश्र

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने विधानसभा का सत्र बुलाने को लेकर पिछले दिनों राजभवन व राज्य सरकार के बीच खींचतान को लेकर बुधवार को कहा कि उन पर संविधान के अलावा किसी का भी दबाव नहीं था। इसके साथ ही मिश्र ने कहा कि संवैधानिक मर्यादाओं में रहते हुए राज्यहित में काम कर रहे हैं। राज्यपाल मिश्र ने अपने कार्यकाल का पहला साल पूरा होने पर यहां वीडियो कान्फ्रेंस के जरिए संवाददाताओं से बातचीत की।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

जयपुर, नौ सितंबर राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने विधानसभा का सत्र बुलाने को लेकर पिछले दिनों राजभवन व राज्य सरकार के बीच खींचतान को लेकर बुधवार को कहा कि उन पर संविधान के अलावा किसी का भी दबाव नहीं था। इसके साथ ही मिश्र ने कहा कि संवैधानिक मर्यादाओं में रहते हुए राज्यहित में काम कर रहे हैं। राज्यपाल मिश्र ने अपने कार्यकाल का पहला साल पूरा होने पर यहां वीडियो कान्फ्रेंस के जरिए संवाददाताओं से बातचीत की।

उल्लेखनीय है कि जुलाई माह में विधानसभा का सत्र बुलाने को लेकर राज्य सरकार व राजभवन के बीच लंबा गतिरोध रहा और सत्तारूढ़ कांग्रेस की ओर से राज्यपाल पर 'दबाव' में काम करने का आरोप लगा। हालांकि, बाद में यह सत्र 14 अगस्त से आहूत हुआ जिसमें राज्य की अशोक गहलोत सरकार ने सदन में में विश्वास मत जीता।

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इस बारे में पूछे जाने पर मिश्र ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने ‘‘विशुद्ध तौर पर संवैधानिक प्रावधानों के तहत काम किया। मुझ पर किसी से कोई दबाव नहीं था सिवाय संविधान के। दबाव में कुछ नहीं किया गया।’’

उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट व 18 अन्य विधायकों के बागी तेवर अपनाने के बाद उपजे राजनीतिक संकट के बीच राज्यपाल ने सत्र बुलाने के सरकार के प्रस्ताव को तीन बार यह कहते हुए वापस भेज दिया कि इसे कम से कम 21 दिन का नोटिस देकर बुलाया जाना चाहिए। हालांकि, बाद में सत्र 14 अगस्त से शुरू हुआ जिसमें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार ने सदन में विश्वास मत जीता।

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राज्यपाल ने कहा,‘‘राजस्थान राज्य से, यहां के लोगों से, यहां की गतिविधियों से मैं पहले से ही परिचित हूं। अब राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर मुझे यहां कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। संवैधानिक मर्यादाओं में रह कर मैं राज्य हित में और लोगों के लिए कार्य कर रहा हूं।’’

उन्होंने कहा,‘‘मेरी प्राथमिकता है कि राज्य का चहुंमुखी विकास हो। इसके लिए हमें दिव्यांगों, बालिकाओं और महिलाओं को विकास की मुख्य धारा से जोड़ना है।’’

मिश्र ने कहा,‘‘ दिव्यांगों की हर संभव मदद के प्रयास करने हैं उनको आगे बढ़ाने के अवसर देने होंगे। बालिकाओं की शिक्षा के लिए विशेष प्रयास करने होंगे। गांव, शहर जहां भी ऐसी बालिकाएं जो विद्यालय नहीं जा पा रही हैं उन्हें इससे जोड़ना है। इसी तरह नवजात शिशु और माताओं के स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना मेरी प्राथमिकताओं में है।’’

उल्लेखनीय है कि मिश्र ने नौ सितंबर 2019 को राजस्थान के राज्यपाल का पदभार ग्रहण किया था। मिश्र ने इस एक साल में उनके द्वारा उठाए गए कदमों व कामों का उल्लेख भी किया।

मिश्र ने कहा कि कोरोन वायरस संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में योगदान करते हुए उन्होंने अपना एक माह का वेतन दिया और प्रत्येक माह का 30 प्रतिशत वेतन भी ना लेने का निश्चय किया। इसी प्रकार राज्य सरकार द्वारा कोरोना प्रभावितों को इन्जेक्शन उपलब्ध कराने को दृष्टिगत रखते हुए वह आज 20 लाख रूपये की धन राशि और दे रहे हैं।

मिश्र ने कहा,‘‘कोरोना वायरस सभी के लिए खतरनाक है। राज्य की जनता को हर हाल में सुरक्षित रखना है। राज्य में कोरोना महामारी को हराने के लिए चिकित्सकों ने प्रभावी कदम उठाये हैं। राज्य में जागरूता के निरन्तर प्रयास किये जा रहे है।’’

उन्होंने संविधान को हमारा मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि यह हमारा मूल ग्रन्थ है। संविधान की प्रस्तावना में राष्ट्र की मूल भावना का उल्लेख है।

उन्होंने कहा,‘‘मौलिक अधिकारों की तो हम बात करते हैं, लेकिन आवश्यकता है कि हम हमारे कर्तव्यों को जानें, समझें और उनके अनुरूप ही अपना कार्य और व्यवहार करें। आमजन को संविधान की जानकारी होना आवश्यक है।’’ राज्यपाल ने इस अवसर पर 15 बिंदुओं का एजेंडा प्रस्तुत करते हुए आगामी चार वर्ष की कार्य योजना प्रस्तुत की। इनमें राज्यपाल ने बालक, बालिका, युवा, महिलाओं सहित उच्च शिक्षा के उन्नयन, वर्षा जल के संग्रहण, स्वस्थ राजस्थान और विलुप्त होती लोक कलाओं के सहजने की कार्य योजना को सम्माहित किया है।

राज्यपाल मिश्र ने राजस्थान को बाल विवाह मुक्त बनाने तथा जनजातीय क्षेत्रों में प्रत्येक बालिका को कम से कम 18 वर्ष की आयु तक अनिवार्य शिक्षा की व्यवस्था को प्राथमिकताओं में शामिल किया है।

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