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रथ यात्रा नहीं निकलने से कोई बहुत हर्जा नहीं : धार्मिक संगठनों की राय

इसके कार्यकारी अध्यक्ष विश्वनाथ मिश्रा और सचिव अजीत मिश्रा द्वारा हस्ताक्षरित एक बयान में मुक्ति मंडप ने कहा कि अतीत में आक्रमणकारियों द्वारा किए गए हमलों के बाद रथ यात्रा नहीं हुई। इसलिए इस बार उत्सव नहीं मनाए जाने से ऐसा कोई नुकसान नहीं है।

रथ यात्रा नहीं निकलने से कोई बहुत हर्जा नहीं : धार्मिक संगठनों की राय
जमात

भुवनेश्वर, 27 अप्रैल पुरी के भगवान जगन्नाथ मंदिर में धार्मिक विवाद हल करने वाली सर्वोच्च संस्था मुक्ति मंडप ने सोमवार को कहा कि अगर कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर इस साल वार्षिक रथ यात्रा उत्सव नहीं आयोजित होता है तो इससे कोई बड़ा हर्जा नहीं होगा।

इसके कार्यकारी अध्यक्ष विश्वनाथ मिश्रा और सचिव अजीत मिश्रा द्वारा हस्ताक्षरित एक बयान में मुक्ति मंडप ने कहा कि अतीत में आक्रमणकारियों द्वारा किए गए हमलों के बाद रथ यात्रा नहीं हुई। इसलिए इस बार उत्सव नहीं मनाए जाने से ऐसा कोई नुकसान नहीं है।

बयान के मुताबिक भगवान वास्तव में तब प्रसन्न होंगे जब उनके भक्त, पुजारी और लोग स्वस्थ और सुरक्षित रहें।

बयान में कहा गया हालांकि जगतगुरु शंकराचार्य का मत सर्वोच्च और सभी के लिए स्वीकार्य है।

मुक्ति मंडप ने सुझाव दिया है कि सरकार पुरी शहर को सील करके सीमित संख्या में पुजारियों के साथ रथ यात्रा का आयोजन कर सकती है।

इस साल की रथ यात्रा 23 जून को होने वाली है।

रविवार को मंदिर ने अपने दो महत्वपूर्ण अनुष्ठानों 'चंदन जात्रा' (चंदन उत्सव) और 'अक्षय तृतीया' (रथ निर्माण कार्य की शुरुआत) का आयोजन किया। ये अनुष्ठान आमतौर पर मंदिर के बाहर आयोजित किए जाते हैं लेकिन इस बार सीमित संख्या में सेवादारों की उपस्थिति में इसे किया गया था।

लॉकडाउन के कारण 12 वीं सदी का यह मंदिर एक महीने से अधिक समय से श्रद्धालुओं के लिए बंद है।

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 27, 2020 10:34 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).