देश की खबरें | कल्याणकारी पेंशन में कोई कटौती नहीं, सरकार बढ़ोतरी पर विचार कर रही है: केरल के वित्त मंत्री

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तिरुवनंतपुरम, 10 मार्च केरल के वित्त मंत्री के. एन. बालगोपाल ने सोमवार को कहा कि कल्याण निधि पेंशन में कोई कटौती नहीं की जाएगी और राज्य सरकार इसमें वृद्धि करने पर विचार कर रही है।

वित्त मंत्री बालगोपाल यहां विधानसभा में विपक्ष द्वारा लाए गए कार्यस्थगन प्रस्ताव का जवाब दे रहे थे, जिसमें केरल भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड तथा राज्य के अन्य कल्याण बोर्ड में पंजीकृत श्रमिकों को पेंशन एवं अन्य लाभ वितरित करने में हो रही देरी पर चर्चा की मांग की गई थी। इस प्रस्ताव के तहत अन्य विधायी कार्य स्थगित कर दिए गए थे।

बालगोपाल ने कहा कि सरकार ने पिछले चार वर्षों में विभिन्न कल्याण बोर्ड को 36,212 करोड़ रुपये वितरित किए हैं और पांच वर्षों के भीतर इस राशि के 55 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच जाने की उम्मीद है।

उन्होंने इसकी तुलना पिछली कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार से की। बालगोपाल के अनुसार, यूडीएफ ने अपने पिछले कार्यकाल के दौरान केवल 900 करोड़ रुपये आवंटित किए थे।

श्रम मंत्री वी. शिवनकुट्टी की ओर से बोलते हुए बालगोपाल ने सदन को आश्वस्त किया कि केवल तीन महीने की पेंशन का भुगतान लंबित है और इसका भुगतान इसी वर्ष के भीतर कर दिया जाएगा।

बालगोपाल ने आगे आरोप लगाया कि पिछली यूडीएफ सरकार के दौरान कल्याणकारी पेंशन में 18 महीने की देरी हुई थी।

उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार से 400 करोड़ रुपए अभी भी प्राप्त होने बाकी हैं।

बालगोपाल ने दावा किया कि केंद्र द्वारा लगाई गई वित्तीय बाधाओं के बावजूद राज्य सरकार कल्याण बोर्डों का प्रभावी ढंग से प्रबंधन कर रही है।

मंत्री के जवाब के बाद कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ विपक्षी पार्टी ने सदन से बहिर्गमन कर दिया।

विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन ने अपने भाषण में आरोप लगाया कि श्रम विभाग के अंतर्गत 16 कल्याण निधि बोर्डों में से कई तथा विभिन्न विभागों के अंतर्गत 15 अन्य बोर्ड संकट में हैं, जिनमें से सात बंद होने के कगार पर हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘कुल दो हजार करोड़ रुपये लंबित हैं, जिससे राज्य के 35 से 40 लाख श्रमिक प्रभावित हो रहे हैं।’’

सतीशन ने यह भी दावा किया कि केरल भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड में पेंशन बकाया के रूप में 1,392 करोड़ रुपये बकाया हैं, तथा पेंशन वितरण में 14 महीने की देरी हुई है।

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