देश की खबरें | बीड में मराठा आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा की जांच के लिए एसआईटी के गठन की जरूरत: मंत्री धनंजय मुंडे
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. महाराष्ट्र के मंत्री धनंजय मुंडे ने मांग की है कि बीड जिले में पिछले हफ्ते मराठा आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जाये।
छत्रपति संभाजीनगर, छह नवंबर महाराष्ट्र के मंत्री धनंजय मुंडे ने मांग की है कि बीड जिले में पिछले हफ्ते मराठा आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जाये।
रज्य के कृषि मंत्री (जो बीड के संरक्षक मंत्री भी हैं) ने आरोप लगाया कि पिछले सप्ताह जिले में हुई हिंसा एक बड़ी साजिश थी। उन्होंने कहा कि हिंसा की जांच करने और इसके पीछे के ‘मास्टरमाइंड’ की पहचान करने के लिए एक एसआईटी गठित करने की आवश्यकता है।
पिछले सप्ताह मराठा आरक्षण आंदोलन के दौरान बीड के विभिन्न हिस्सों में तोड़फोड़ तथा आगजनी की घटनाएं देखी गईं और लोगों ने कुछ विधायकों के घरों में आग लगा दी।
मुंडे ने रविवार को उन स्थानों का दौरा किया जहां हिंसा हुई। मंत्री ने विधायक प्रकाश सोलंकी, संदीप क्षीरसागर, पूर्व मंत्री जयदत्त क्षीरसागर के आवास समेत अन्य स्थानों का दौरा किया।
दौरे के बाद मीडिया से बात करते हुए मुंडे ने कहा, ‘‘जब माजलगांव में सोलंकी के आवास को आग लगा दी गई और भीड़ को नियंत्रित नहीं किया जा सका, तो पुलिस मुख्यालय से इलाके में पुलिसकर्मियों को भेजा गया। इसके बाद हिंसा बीड शहर तक फैल गई और यहां पर्याप्त सुरक्षा बल नहीं था।”
मंत्री ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह पुलिस के खुफिया विभाग की विफलता थी।
मंत्री ने कहा, ‘‘पुलिस ने लगभग 250-300 लोगों की पहचान की है जो सोलंकी के आवास पर हमला करने और बीड शहर की हिंसा में शामिल थे। जांच सही दिशा में जारी है, लेकिन जांच में तेजी लाने और ‘मास्टरमाइंड’ और दोषियों की पहचान करने के लिए एसआईटी जांच की जरूरत है।’’
मुंडे ने कहा कि वह मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्रियों से मिलेंगे और बीड में हुई हिंसा को लेकर एसआईटी जांच की मांग करेंगे।
उन्होंने दावा किया कि घटनाओं की गहराई से जांच कराई जाएगी और पुलिस की भूमिका की भी जांच होगी क्योंकि हिंसा आठ घंटे तक जारी रही थी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)