जरुरी जानकारी | सार्वभौमिक के साथ देश-विशिष्ट खाद्य सुरक्षा मानकों की भी जरूरत: मांडविया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने बृहस्पतिवार को कहा कि दूषित खानपान, जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों और पोषण में असंतुलन की चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर विस्तृत चर्चा के बाद सार्वभौमिक खाद्य सुरक्षा मानकों के साथ देश-केंद्रित मानक तैयार करने की जरूरत है।

नयी दिल्ली, 20 जुलाई केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने बृहस्पतिवार को कहा कि दूषित खानपान, जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों और पोषण में असंतुलन की चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर विस्तृत चर्चा के बाद सार्वभौमिक खाद्य सुरक्षा मानकों के साथ देश-केंद्रित मानक तैयार करने की जरूरत है।

मांडविया ने यहां आयोजित वैश्विक खाद्य नियामक शिखर सम्मेलन 2023 का उद्घाटन करते हुए कहा कि खाद्य सुरक्षा पर विस्तृत चर्चा और विचार-विमर्श के लिए डब्ल्यूएचओ की निर्णय लेने वाली संस्था विश्व स्वास्थ्य सभा की तर्ज पर एक वैश्विक मंच की आवश्यकता है।

इस दो-दिवसीय सम्मेलन का आयोजन भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने जी20 कार्यक्रम के रूप में पहली बार किया है। इसमें 40 से अधिक देशों के खाद्य नियामक विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

मांडविया ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के खाद्य मानक निकाय कोडेक्स एलिमेंटेरियस कमीशन की साल भर में एक बार होने वाली बैठक पर्याप्त नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘जिस तरह आदतों से जुड़ी बीमारियां बढ़ रही हैं, हम भोजन में मिलावट देखने को मिल रही है और जिस तरह से असंतुलित पोषक तत्व हमारे भोजन का हिस्सा बन रहे हैं, उस पर व्यापक चर्चा की जरूरत है। इस चर्चा के आधार पर हर देश अपनी रणनीति, पाठ्यक्रम और मानक तैयार कर सकता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह हमें दो तरह के मानदंडों की जरूरत है। एक सार्वभौमिक मानक हों और दूसरे देश-आधारत मानक हों।’’

मांडविया ने वैश्विक खाद्य नियामकों से मानक बनाते समय जलवायु, मानव स्वास्थ्य, पशु स्वास्थ्य और पौधों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखने को कहा।

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