देश की खबरें | उतार-चढ़ाव रहे, लेकिन यादों के लिए धन्यवाद: स्टिमक ने विदाई संदेश में लिखा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) द्वारा बर्खास्तगी से हुई कड़वाहट के बाद इगोर स्टिमक ने खिलाड़ियों के साहस और जज्बे की प्रशंसा करते हुए बुधवार को कहा कि जब वह पहली बार देश के कोच बने थे तो उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह व्यक्तिगत रूप से इतना जुड़ जायेंगे।
नयी दिल्ली, 19 जून अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) द्वारा बर्खास्तगी से हुई कड़वाहट के बाद इगोर स्टिमक ने खिलाड़ियों के साहस और जज्बे की प्रशंसा करते हुए बुधवार को कहा कि जब वह पहली बार देश के कोच बने थे तो उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह व्यक्तिगत रूप से इतना जुड़ जायेंगे।
भारत के कतर से दूसरे दौर के अंतिम ग्रुप मैच में हारकर 2026 विश्व कप क्वालीफायर से बाहर होने के बाद स्टिमक को बर्खास्त कर दिया गया। स्टिमक ने ऐसा करने के लिए एआईएफएफ को धमकी दी कि अगर दस दिन के भीतर उनका बकाया भुगतान नहीं किया गया तो वह फीफा ट्रिब्यूनल में उसके खिलाफ मामला दर्ज करेंगे ।
स्टिमक ने एआईएफएफ अध्यक्ष कल्याण चौबे पर भड़ास निकालते हुए उन पर उनका अनुबंध कई बार तोड़ने का आरोप लगाया और फीफा 2026 विश्व कप क्वालीफायर में भारत के दूसरे दौर से आगे नहीं जा पाने के लिये भी उन्हें जिम्मेदार ठहराया ।
स्टिमक ने कहा कि भारत में कार्यकाल के दौरान उनके स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ा है और वह एआईएफएफ से दोबारा कुछ सुनना नहीं चाहते । लेकिन उन्होंने अपने ‘एक्स’ पेज पर अपने धन्यवाद नोट में खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के लिए अपना स्नेह व्यक्त किया।
क्रोएशिया पहुंचे स्टिमक ने कहा, ‘‘सभी भारतीय फुटबॉल प्रशंसकों और मेरे ‘ब्लू टाइगर्स’ (टीम के खिलाड़ियों) के लिए, पिछले पांच साल तक आपकी सेवा करना सम्मान की बात है। जब मैं पहली बार आप सभी के साथ जुड़ा था तो मुझे इस देश के साथ इतना मजबूत जुड़ाव होने और व्यक्तिगत रूप से इतना जुड़ने की उम्मीद नहीं थी। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे टीम के हर खिलाड़ी और सदस्य पर गर्व है। हम साथ मिलकर उम्मीद और भरोसे का माहौल बनाने की क्षमता रखते थे। हमने एक दूसरे को शारीरिक और मानसिक रूप से निर्भीक और चतुराई भरी फुटबॉल खेलने के लिए प्रेरित किया, जिसके लिए साहस और प्रयासों की जरूरत थी। ’’
उन्होंने साथ ही दोहराया कि एआईएफएफ भी टीम के विफल रहे विश्व कप क्वालीफाइंग अभियान के लिए दोषी रहा और उसे यह अपने हिस्से की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
स्टिमक ने कहा, ‘‘ सिर्फ मैं ही नहीं बल्कि पूरा देश मानता है कि आपने हर बार पिच पर उतरते ही किस तरह का जज्बा दिखाया। हम अगले कदम तक पहुंचने के बहुत करीब थे लेकिन ऐसा करने के लिए हर किसी को एक साथ रहने की जरूरत है। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘सिर्फ पिच पर खिलाड़ियों को ही नहीं बल्कि टीम के स्टाफ सदस्यों और कार्यालय में बैठे अधिकारियों को भी। ’’
क्रोएशिया के 56 वर्षीय कोच ने कहा कि वह टीम के साथ बनी यादों के लिए हमेशा आभारी रहेंगे।
उन्होंने कहा कि टीम फीफा प्रतिबंध से बचते हुए फुटबॉल हाउस चलाने वाले प्रशासकों से हुई दिक्कतों और दो साल तक महामारी की कई मुश्किलों के बावजूद शीर्ष 100 में पहुंचने में सफल रही।
स्टिमक ने कहा, ‘‘हम उतार-चढ़ाव से गुजरे, लेकिन आपमें से प्रत्येक खिलाड़ी के लिए मेरे दिल में एक विशेष जगह रहेगी। ये यादें और शानदार पांच साल देने के लिए धन्यवाद। जय हिंद। ’’
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