देश की खबरें | अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ की स्थिति में मामूली सुधार हुआ
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ईटानगर, छह जून अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ की स्थिति में शुक्रवार को मामूली सुधार हुआ क्योंकि अधिकतर नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
राज्य आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र (एसईओसी) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस वर्ष मानसून की बारिश के कारण हुए भूस्खलन और बाढ़ में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई है, जबकि एक लापता व्यक्ति की तलाश के लिए अभियान जारी है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बाढ़ और भूस्खलन के कारण 24 जिलों के 215 गांव प्रभावित हुए हैं, जिनकी कुल आबादी 33,200 है। ज्यादातर प्रमुख नदियां और उनकी सहायक नदियां उफान पर हैं, लेकिन अब खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं।
कुल मिलाकर, राज्य भर में 512 आवास क्षतिग्रस्त हुए हैं तथा 432 मवेशियों की मौत होने की सूचना है।
भूस्खलन और बाढ़ से संबंधित घटनाओं के कारण पूर्वी कामेंग में सात, निचले सुबनसिरी में दो तथा लोंगडिंग, लोहित और अंजॉ जिलों में एक-एक व्यक्ति की मौत होने की सूचना है।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य में नौ लोगों की मौत भूस्खलन के कारण हुई, एक की बाढ़ से संबंधित घटना में, दूसरे की दीवार गिरने के कारण और मई में लोंगडिंग जिले में खराब मौसम के दौरान पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई।
उन्होंने बताया कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान चार अन्य लोग घायल भी हुए।
राज्य में चांगलांग सबसे अधिक प्रभावित जिला है, जहां छह गांव जलमग्न हो गए हैं और 2,231 लोग बेघर हुए हैं।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), राज्य पुलिस और स्वयंसेवियों के सहयोग से राहत और बचाव कार्य जारी है।
अधिकारियों ने बताया कि प्रशासन बाढ़ प्रभावितों के लिए कुल तीन राहत शिविर संचालित कर रहा है, जो 239 विस्थापित लोगों को आश्रय प्रदान कर रहे है।
चांगलांग जिले में बाढ़ के कारण शनिवार को ट्रांस-अरुणाचल राजमार्ग पर माकनटोंग पुल का आधा हिस्सा बह गया, जिससे मियाओ और बोर्डुमसा के बीच सड़क संपर्क टूट गया। अधिकारियों ने लोगों के लिए नौका सेवाएं शुरू करने का निर्णय लिया है।
अधिकारियों ने बताया कि मियाओ उपखंड के ज्यादातर इलाके जलमग्न हो गए हैं, जिससे मवेशियों और बागानों को काफी नुकसान पहुंचा है।
उन्होंने बताया कि नोआ-दिहिंग नदी के उफान पर आने से नामफाई क्षेत्र के धर्मपुर ब्लॉक में कृषि और बागवानी को नुकसान पहुंचा है।
जिले के चांगलांग कस्बे, नामटोक अतिरिक्त सहायक आयुक्त मुख्यालय, यतदम सर्कल, फिनबिरो-एक और दो गांवों तथा रंग हिल गांव में जलापूर्ति परियोजनाएं भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे पेयजल संकट उत्पन्न हो गया।
इसके अतिरिक्त, बाढ़ और भूस्खलन से लगभग 17 हेक्टेयर कृषि भूमि और 20 हेक्टेयर बागवानी बागानों को नुकसान पहुंचा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि चांगलांग जिले में बाढ़ से फपरबाड़ी, टू हट और लामा कैंप में तीन पुल भी क्षतिग्रस्त हो गए।
ईटानगर राजधानी क्षेत्र में भूस्खलन के कारण पोमा जलापूर्ति परियोजना की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे राजधानी के निवासियों को पेयजल संकट पैदा हो गया।
अधिकारियों ने बताया कि पेयजल आपूर्ति बहाल करने में कई दिन लगेंगे।
हालांकि, उन्होंने बताया कि लोगों को जलापूर्ति के लिए विभाग पानी के टैंकरों का इस्तेमाल करेगा।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 06, 2025 08:16 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

