विदेश की खबरें | अमेरिका के आईसीबीएम नियंत्रण केंद्रों के कायाकल्प करने में हैं कई चुनौतियां
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. इनमें एक महत्वपूर्ण स्विच जो ‘प्रक्षेपण’ का निर्देश देता है, वह भी शामिल है।
इनमें एक महत्वपूर्ण स्विच जो ‘प्रक्षेपण’ का निर्देश देता है, वह भी शामिल है।
इन भूमिगत कैप्सूल को ध्वस्त किया जाना है और उनके नियंत्रण वाले मिसाइल साइलो (मिसाइल रखने के लिए बना स्थान) को पूरी तरह से बदला जाना है। इनके स्थान पर एक विशाल आईसीबीएम आ रहा है जिसे सेंटिनल कहा जाता है। यह 60 वर्षों में अमेरिकी वायुसेना के परमाणु मिसाइल मिशन में सबसे बड़ा बदलाव है।
लेकिन सवाल हैं कि क्या सेंटिनल द्वारा प्रतिस्थापित की जाने वाली मिनुटमैन मिसाइलों के शीत युद्ध-युग के कुछ पहलुओं को बदला जाना चाहिए।
जटिल सॉफ्टवेयर और विशाल नेटवर्क के साथ 21वीं सदी की कनेक्टिविटी के साथ साइलो से प्रक्षेपित मिसाइल को और अधिक आधुनिक बनाने का मतलब यह भी हो सकता है कि यह और असुरक्षित हैं।
सेंटिनल को साइबर हमलों से अच्छी तरह से संरक्षित करने की आवश्यकता होगी, जबकि इसकी तकनीक को पश्चिमी राज्यों में जहां साइलो स्थित हैं, वहां के ठंडे सर्दियों के तापमान का सामना करना होगा।
कुल 96 अरब अमेरिकी डॉलर के सेंटिनल कायाकल्प परियोजना के तहत पांच राज्यों में 450 साइलो, उनके नियंत्रण केंद्र, तीन परमाणु मिसाइल आधार और कई अन्य परीक्षण सुविधाएं बनाए जा रहे हैं। यह परियोजना इतनी महत्वाकांक्षी है कि इसने सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या वायु सेना यह सब एक ही बार में पूरा कर सकती है।
परमाणु आधुनिकीकरण में वर्षों तक देरी हुई क्योंकि अमेरिका ने 9/11 के बाद शुरू युद्ध के लिए नयी मिसाइलों, बमवर्षकों और पनडुब्बियों पर खर्च को स्थगित कर दिया था।
सेंटिनल एक बड़े, परमाणु हथियार उद्यम-व्यापी 750 अरब अमेरिकी डॉलर की कायाकल्प योजना का एक चरण है जो मैनहट्टन परियोजना के बाद से देश के सबसे बड़े परमाणु हथियार कार्यक्रम में नए स्टील्थ बमवर्षक, पनडुब्बियों और आईसीबीएम सहित अमेरिकी परमाणु रक्षा के लगभग हर घटक की जगह ले रहा है।
सेंटिनल के लिए, मुख्य ठेकेदार नॉर्थ्रॉप ग्रुम्मन द्वारा 2025 तक साइलो का काम शुरू किया जा सकता है। यानी कि अमेरिका द्वारा युद्ध में आखिरी बार परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने के 80 साल बाद यह आधुनिकीकरण योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है।
पेंटागन को उम्मीद हैं कि आधुनिक सेंटिनल तेजी से विकसित हो रही चीनी और रूसी मिसाइल प्रणालियों के खतरों का सामना करेगा। सेंटिनल के 2075 तक सेवा में बने रहने की उम्मीद है, इसलिए डिजाइनर एक ऐसा दृष्टिकोण अपना रहे हैं जिससे आने वाले वर्षों में नयी तकनीकों के साथ अपग्रेड करना आसान हो जाएगा।
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