विदेश की खबरें | दुनिया को आतंकवाद के मौजूदा दौर पर ध्यान देना चाहिए,कठोर कार्रवाई की जरूरत: पूर्व राजनयिक सरन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. आतंकवाद पर भारत के रुख से अन्य देशों को रूबरू कराने गए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल पूर्व राजनयिक पंकज सरन ने सोमवार को कहा कि दुनिया को आतंकवाद के मौजूदा दौर पर ध्यान देना चाहिए और इससे निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है।
पेरिस, 26 मई आतंकवाद पर भारत के रुख से अन्य देशों को रूबरू कराने गए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल पूर्व राजनयिक पंकज सरन ने सोमवार को कहा कि दुनिया को आतंकवाद के मौजूदा दौर पर ध्यान देना चाहिए और इससे निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है।
सरन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता रविशंकर प्रसाद के नेतृत्व में छह यूरोपीय देशों की यात्रा पर गई नौ सदस्यीय टीम में शामिल हैं। उन्होंने भारत-फ्रांस द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती पर प्रकाश डाला, जिससे समूह को वैश्विक मंच पर भारत के आतंकवाद विरोधी संदेश को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
सरन ने कहा, ‘‘ हमारा प्राथमिक संदेश यह है कि भारत बहुत लंबे समय से आतंकवाद से पीड़ित है और अब इसे बर्दाश्त करना मुश्किल हो रहा है। आतंक के स्रोतों को भी इसकी कीमत चुकानी चाहिए। हम अब इस तरह नहीं रह सकते।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यूरोप को यह समझना बहुत जरूरी है कि आतंकवाद अब अतीत की बात नहीं रह गई है। यह मौजूद है और इससे कई स्तरों पर निपटने की ज़रूरत है खास तौर पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर। इसके लिए कतई बर्दाश्त नहीं करने का रुख रखने और मजबूत कार्रवाई की जरूरत है। आतंकवाद से निपटने का कोई आसान तरीका नहीं है।’’
पूर्व उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने इस तथ्य की ओर ध्यान दिलाया कि यूरोपीय देश ‘‘आतंक की छाया में रह रहे हैं’’ और इसलिए इस साझा खतरे से निपटने की आवश्यकता की निरंतर याद दिलाना महत्वपूर्ण है।
भारत-फ्रांस साझेदारी की भूमिका पर पूर्व राजनयिक ने कहा, ‘‘ फ्रांस भारत के सबसे भरोसेमंद, विश्वसनीय और मजबूत साझेदारों में से एक है, आज नहीं बल्कि पिछले कई दशकों से। आतंकवाद रोधी और सैन्य तथा रक्षा सहयोग इस सहयोग के सबसे बुनियादी स्तंभों में से एक है।’’
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद अन्य देशों को रवाना हुए प्रसाद नीत प्रतिनिधिमंडल में सांसद डुग्गूबाती पुरंदेश्वरी, गुलाम अली खटाना, डॉ अमर सिंह, समिक भट्टाचार्य, एम. थंबीदुरई, प्रियंका चतुर्वेदी और पूर्व केंद्रीय मंत्री एम.जे. अकबर शामिल हैं।
फ्रांस के बाद प्रतिनिधिमंडल ब्रिटेन, जर्मनी, यूरोपीय संघ, इटली और डेनमार्क जाएगा।
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