विदेश की खबरें | दुनिया ‘जटिल’ दौर से गुजर रही, भारत-यूएई संबंध और मजबूत होंगे: जयशंकर

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श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

अबू धाबी, 27 जनवरी विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को कहा कि बदलते वैश्विक क्रम के साथ दुनिया जिस तरह से ‘जटिल’ और ‘परिवर्तनशील’ दौर से गुजर रही है ऐसे में अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच सहयोग और गहरा होगा।

विदेश मंत्री एस जयशंकर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की तीन दिवसीय यात्रा पर सोमवार को रवाना हुए। जयशंकर की यात्रा का उद्देश्य यूएई जैसे प्रभावशाली खाड़ी देश के साथ भारत की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और आगे बढ़ाना है।

भारत के गणतंत्र दिवस पर अबू धाबी में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा, ‘‘दुनिया एक जटिल और अस्थिर चरण में प्रवेश कर गई है क्योंकि वैश्विक व्यवस्था वास्तव में बदल रही है। ऐसे हालात में नए अवसर पैदा होते हैं और सच्ची मित्रता बनती है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब हम वैश्विक परिदृश्य देखते हैं तो ऐसी कई चीजें हैं जो दोनों देशों को एक साथ लाती हैं। मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हमारा सहयोग और मजबूत होगा।’’

मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि यूएई को अपना दूसरा घर कहने वाले भारतीयों की संख्या 2015 में 25 लाख थी जो अब बढ़कर 40 लाख से अधिक हो गई है।

उन्होंने कहा, ‘‘ ये संख्याएं उस गर्मजोशी और सौहार्द को दर्शाती हैं जो आज हमारे संबंधों की विशेषता है...।’’

जयशंकर ने द्विपक्षीय संबंधों की कुछ उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए कहा कि व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते ने व्यापार और निवेश को बढ़ाया है। स्थानीय मुद्रा व्यापार व्यवस्था और फिनटेक तंत्र उल्लेखनीय रहे हैं। उन्होंने कहा कि अबू धाबी में बीएपीएस हिंदू मंदिर बहुलवाद, सद्भाव और सहिष्णुता के प्रतीक के रूप में उभरा है।

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