देश की खबरें | उप्र सरकार हाथरस के पीड़ित परिवार को हमारे तथ्य-खोजी दल से दूर रख रही है : वाम दल

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. वाम दलों ने रविवार को आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार हाथरस की उस दलित लड़की के परिवार को वाम दलों के तथ्य-खोजी दल से दूर रखने के लिए ''हथकंडे'' अपना रही है, जिसकी कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार के बाद मौत हो गई थी।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 11 अक्टूबर वाम दलों ने रविवार को आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार हाथरस की उस दलित लड़की के परिवार को वाम दलों के तथ्य-खोजी दल से दूर रखने के लिए ''हथकंडे'' अपना रही है, जिसकी कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार के बाद मौत हो गई थी।

तथ्य-खोजी दल को सूचित गया कि अदालती सुनवाई के लिए परिवार को लखनऊ स्थानांतरित किया जा रहा है, जिसके बाद उन्हें अपना दौरा रद्द करना पड़ा।

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एक संयुक्त बयान में माकपा, भाकपा और लोकतांत्रिक जनता दल (लोजद) ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के अधिकारी उनके दौरे के पक्ष में नहीं थे।

तथ्य-खोजी दल में माकपा के ए करीम, बिकास रंजन भट्टाचार्य, भाकपा के बिनॉय विस्वम और लोजद के एमवी श्रेयम्स कुमार शामिल थे।

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बयान में इन पार्टियों ने कहा कि दल ने अपने दौरे के बारे में पीड़िता के परिवार और जिला प्रशासन से बात की थी और इसके लिए रविवार सुबह का समय तय किया गया था।

उन्होंने कहा कि इस दौरे को लेकर जिलाधिकारी और जिला पुलिस अधीक्षक भी दल के साथ मुलाकात के लिए सहमत हो गए थे।

बयान के मुताबिक, '' लेकिन शनिवार देर शाम को हमें पुलिस सूत्रों की तरफ से सूचना दी गई कि परिवार को सोमवार को उच्च न्यायालय में होने वाली सुनवाई के लिए लखनऊ ले जाना पड़ा। ध्यान देने योग्य बात यह है कि हाथरस से लखनऊ की दूरी छह-सात घंटे की है और अगर वे रविवार दोपहर तक भी निकलते, तब भी शाम तक वहां आसानी से पहुंच सकते थे।''

बयान में कहा गया, '' हम रविवार सुबह करीब 11 बजे परिवार से मिलना चाहते थे। दौरे को लेकर जब हमारे कार्यालयों की ओर से बार-बार बातचीत का प्रयास किया गया तो अधिकारियों के बर्ताव से यह बेहद स्पष्ट था कि वे हमारे दौरे के पक्ष में नहीं थे और हमें परिवार से मिलने से रोकना चाहते थे।''

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