देश की खबरें | शीर्ष न्यायालय देश भर में हाईब्रिड अदालती सुनवाई की मांग करने वाली यचिका पर चार हफ्ते बाद फैसला करेगा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि देश की सभी अदालतों और अधिकरणों में वीडियो कांफ्रेंस के साथ-साथ शारीरिक उपस्थिति के साथ सुनवाई बहाल करने का अनुरोध करने वाली याचिका पर वह चार हफ्तों बाद सुनवाई करेगा।

नयी दिल्ली, नौ मार्च उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि देश की सभी अदालतों और अधिकरणों में वीडियो कांफ्रेंस के साथ-साथ शारीरिक उपस्थिति के साथ सुनवाई बहाल करने का अनुरोध करने वाली याचिका पर वह चार हफ्तों बाद सुनवाई करेगा।

प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना तथा न्यायमूर्ति वी रामसुब्रमण्यन की पीठ ने कहा कि वह इस विषय को लंबित रखेगी क्योंकि शीर्ष न्यायालय की ई-कमेटी ‘कुछ निर्णय कर रही है’।

पीठ ने याचिकाकर्ता एम एल शर्मा से कहा, ‘‘हम इसे लंबित रखेंगे। हमारी ई-कमेटी कुछ निर्णय कर रही है। हम इससे आपको भी अवगत कराएंगे।’’

गौरतलब है कि शीर्ष अदालत कोविड-19 महामारी के कारण पिछले साल मार्च से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से मामलों/मुकदमों की सुनवाई कर रहा है। हालांकि, कई बार संगठन और वकील अदालत में शारीरिक उपस्थिति के साथ मामलों की सुनवाई फौरन बहाल करने का अनुरोध कर रहे हैं।

शीर्ष अदालत 15 मार्च से हाईब्रिड फिजिकल सुनवाई शुरू करेगा और इस उद्देश्य के लिए हाल ही में एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की गई है।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) ने सोमवार को शीर्ष अदालत का रुख कर एसओपी रद्द करने क अनुरोध करते हुए कहा कि इसे बार से मशविरा किए बगैर बनाया गया है, जो कि न्यायिक प्रणाली में समान रूप से हितधारक है।

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