देश की खबरें | केरल में बेहोश करके पकड़ने के प्रयास के दौरान मारा गया बाघ
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केरल के इडुक्की जिले के वंडिपेरियार में सोमवार को एक घायल बाघ को बेहोशी का इंजेक्शन देकर पकड़ने के प्रयास के दौरान वन अधिकारियों को आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी, जिससे उसकी मौत हो गई।
इडुक्की, 17 मार्च केरल के इडुक्की जिले के वंडिपेरियार में सोमवार को एक घायल बाघ को बेहोशी का इंजेक्शन देकर पकड़ने के प्रयास के दौरान वन अधिकारियों को आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी, जिससे उसकी मौत हो गई।
अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान बाघ ने उन पर हमला कर दिया, जिसके चलते उन्हें गोली चलानी पड़ी।
यह बाघ पिछले दिनों जंगल से भटककर वंडिपेरियार के ग्रानबी एस्टेट इलाके में आ गया था। इसने कई पालतू जानवरों को अपना शिकार बनाया था, जिससे स्थानीय लोगों के बीच दहशत का माहौल था।
अधिकारियों के मुताबिक, बाघ को सुबह एक चाय बागान के भीतर घूमते देखा गया था, जिसके बाद वन अधिकारियों ने निशाना लगाकर उसे बेहोशी का इंजेक्शन दिया, लेकिन वह आक्रामक हो गया और उनकी तरफ लपका।
एक वरिष्ठ वन अधिकारी ने बताया कि बाघ को बेहोशी का दूसरा इंजेक्शन भी सफलतापूर्वक दिया गया, लेकिन उसने एक वन अधिकारी पर हमला कर दिया और उसका हेलमेट नष्ट कर दिया।
अधिकारी के अनुसार, बाघ ने एक अन्य वन कर्मी का सुरक्षा कवच भी फाड़ दिया।
अधिकारी ने कहा, ‘‘हमारा उद्देश्य बाघ को बेहोश कर काबू में करना और उसे जीवित पकड़ना था। हम अपनी जान जोखिम में डालकर इस अभियान के लिए रवाना हुए थे, क्योंकि बाघ को सुबह इलाके में एक घर के पास देखा गया था। उसने एक कुत्ते, उसके दो-तीन बच्चों और गाय के एक बछड़े को मार डाला था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘बाघ से सिर्फ 15 मीटर की दूरी पर खड़े होकर हमने निशाना लगाकर उसे बेहोशी वाला इंजेक्शन दिया। हमने यह जोखिम इसलिए उठाया, क्योंकि बाघ एक रिहायशी इलाके में मिला था। हमारे पास खुद को बचाने के लिए उस पर गोली चलाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।’’
वन विभाग के सूत्रों ने कहा कि मृत बाघ की उम्र 10 साल के आसपास थी, उसके एक पैर में चोट लगी थी और वह बहुत कमजोर नजर आ रहा था।
सोमवार सुबह टेलीविजन चैनल पर प्रसारित दृश्यों में देखा जा सकता है कि जब वन कर्मियों ने बाघ को बेहोशी वाला इंजेक्शन दिया, तो वह उनकी ओर लपका।
वन कर्मियों की एक विशेष टीम रविवार को ही बाघ को बेहोशी का इंजेक्शन देकर काबू में करने के लिए तैयार थी, लेकिन वह उसका पता नहीं लगा सकी थी।
अधिकारियों ने बाघ की तलाश के लिए खोजी कुत्तों और ड्रोन की भी मदद ली।
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