देश की खबरें | एमयूडीए मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले को कर्नाटक के गृह मंत्री परमेश्वर ने सराहा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने मैसूरु शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) भूमि आवंटन मामले में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया की पत्नी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका को उच्चतम न्यायालय द्वारा खारिज किए जाने पर मंगलवार को कहा कि ''इससे पुष्टि होती है कि देश में अब भी न्याय कायम है।''
बेंगलुरु, 22 जुलाई कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने मैसूरु शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) भूमि आवंटन मामले में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया की पत्नी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका को उच्चतम न्यायालय द्वारा खारिज किए जाने पर मंगलवार को कहा कि ''इससे पुष्टि होती है कि देश में अब भी न्याय कायम है।''
उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को ‘राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामलों’ में प्रवर्तन निदेशालय के आचरण पर सवाल उठाया और एमयूडीए मामले में सिद्धरमैया की पत्नी बी. एम. पार्वती के खिलाफ कार्यवाही रद्द करने के कर्नाटक उच्च न्यायालय के फैसले को बरकरार रखा।
एजेंसी को ‘राजनीतिक औजार’ के रूप में इस्तेमाल किए जाने पर चेतावनी देते हुए प्रधान न्यायाधीश बी. आर. गवई की पीठ ने कहा, ‘‘राजनीतिक लड़ाई मतदाताओं के समक्ष लड़ी जाए। आपका (ईडी का) इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है?’’
पीठ में न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन भी शामिल थे। पीठ ने कर्नाटक उच्च न्यायालय के उस आदेश के खिलाफ ईडी की अपील पर सुनवाई की, जिसमें पार्वती से जुड़े मैसूरु शहरी विकास प्राधिकरण मामले में जारी समन को रद्द कर दिया गया था।
परमेश्वर ने पत्रकारों से कहा, ‘‘ उच्चतम न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश के निर्णय से एक बार फिर यह स्पष्ट हुआ है कि देश में अभी भी न्याय कायम है। मुख्यमंत्री लगातार कहते रहे हैं कि एमयूडीए मामले में न तो उनकी और न ही उनकी पत्नी की कोई भूमिका है। उच्चतम न्यायालय का आदेश उनके इस दावे की पुष्टि करता प्रतीत होता है।’’
भाजपा नेताओं के इस दावे पर कि "मुख्यमंत्री को खुश होने की कोई वजह नहीं है" क्योंकि एमयूडीए मामला अभी भी लंबित है, गृहमंत्री परमेश्वर ने कहा, "यह खुशी का सवाल नहीं है—यह न्याय और अन्याय का सवाल है।"
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)