नयी दिल्ली, 30 अप्रैल उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को बम्बई उच्च न्यायालय के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के खिलाफ लगाये गये कुछ आरोपों को खारिज कर दिया गया था। इन याचिकाओं में 2019 में नागपुर से उनके निर्वाचन को चुनौती दी गई थी।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने कांग्रेस उम्मीदवार नाना फल्गुनराव पटोले और नागपुर निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता नफीस खान की याचिका खारिज कर दी, जिसमें उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ के 26 फरवरी, 2021 के आदेश को चुनौती दी गई थी।
उच्चतम न्यायालय ने कहा कि गडकरी ने 2024 के आम चुनाव में फिर से इस सीट पर जीत दर्ज की और कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा अपनाया गया तर्क सही था।
पीठ ने कहा, ‘‘हमें उच्च न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं दिखता।’’
उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में चुनाव याचिकाओं को खारिज करने से इनकार कर दिया, लेकिन परिवार के सदस्यों की आय और उनके स्वामित्व वाली भूमि के संबंध में उनमें किए गए कुछ दावों को खारिज कर दिया।
उच्च न्यायालय के आदेश के बाद खान और पटोले दोनों ने उच्चतम न्यायालय का रुख किया था।
उन्होंने दावा किया कि उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में त्रुटि की है।
नागपुर निर्वाचन क्षेत्र से मतदाता खान ने आरोप लगाया कि गडकरी ने अपने नामांकन पत्र और चुनावी हलफनामे में गलत जानकारी दी है।
दूसरी ओर, पटोले ने दावा किया कि चुनाव प्रक्रिया के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
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