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जरुरी जानकारी | अंतिम घंटे की लिवाली से शेयर बाजार में लगातार छठे दिन तेजी, सेंसेक्स 214 अंक और मजबूत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. स्थानीय शेयर बाजार में बुधवार को लगातार छठे दिन तेजी रही और कारोबार समाप्त होने के ठीक पहले लिवाली बढ़ने से बीएसई सेंसेक्स में 214 अंक से अधिक की तेजी आई। दुनिया के ज्यादातर प्रमुख बाजारों में सकारात्मक रुख और विदेशी संस्थागत निवेशकों के लगातार पूंजी प्रवाह के बीच सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में लिवाली से बाजार को गति मिली।

जरुरी जानकारी | अंतिम घंटे की लिवाली से शेयर बाजार में लगातार छठे दिन तेजी, सेंसेक्स 214 अंक और मजबूत

मुंबई, तीन अगस्त स्थानीय शेयर बाजार में बुधवार को लगातार छठे दिन तेजी रही और कारोबार समाप्त होने के ठीक पहले लिवाली बढ़ने से बीएसई सेंसेक्स में 214 अंक से अधिक की तेजी आई। दुनिया के ज्यादातर प्रमुख बाजारों में सकारात्मक रुख और विदेशी संस्थागत निवेशकों के लगातार पूंजी प्रवाह के बीच सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में लिवाली से बाजार को गति मिली।

हालांकि, पीएमआई सेवा सूचकांक में कमी और डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर में गिरावट से तेजी पर अंकुश लगा।

उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 214.17 अंक यानी 0.37 प्रतिशत की बढ़त के साथ 58,350.53 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह ऊंचे में 58,415.63 अंक तक गया और नीचे में 57,788.78 अंक तक आया।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 42.70 अंक यानी 0.25 प्रतिशत की तेजी के साथ 17,388.15 अंक पर बंद हुआ।

सेंसेक्स के शेयरों में टेक महिंद्रा 1.97 प्रतिशत की तेजी के साथ सर्वाधिक लाभ में रहा। इसके अलावा, टीसीएस, इन्फोसिस, टाइटन, एशियन पेंट्स, आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल और रिलायंस इंडस्ट्रीज प्रमुख रूप से लाभ में रहे।

दूसरी तरफ, नुकसान में रहने वाले शेयरों में मारुति सुजुकी, सन फार्मा, कोटक महिंद्रा बैंक, इंडसइंड बैंक, बजाज फाइनेंस और आईटीसी शामिल हैं। इनमें 2.29 प्रतिशत तक की गिरावट आई।

एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज के बिक्री कारोबार प्रमुख एस हरिहरन ने कहा, ‘‘विदेशी पूंजी प्रवाह के साथ बाजार तेजी के रास्ते पर रहा। पिछले चार सत्रों में एफपीआई (विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों) ने करीब एक अरब डॉलर का निवेश किया है। नीतिगत दर बढ़ाने के मामले में फेडरल रिजर्व के उम्मीद के अनुरूप कदम उठाने और कच्चे तेल के दाम में नरमी से भारत के लिये वृहत आर्थिक माहौल अधिक अनुकूल हुआ है...।’’

देश में सेवा क्षेत्र की गतिविधियों की रफ्तार जुलाई के महीने में मंद पड़ गई। प्रतिस्पर्धी दबाव, ऊंची मुद्रास्फीति और प्रतिकूल मौसम ने मांग को प्रभावित किया। एक मासिक सर्वेक्षण में बुधवार को यह जानकारी दी गई।

मौसमी रूप से समायोजित एसएंडपी ग्लोबल का भारत सेवा पीएमआई कारोबारी गतिविधि सूचकांक जुलाई में घटकर में 55.5 हो गया, जो जून में 59.2 था। चार महीने में वृद्धि की सबसे धीमी दर है।

एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और हांगकांग का हैंगसेंग लाभ में रहे, जबकि चीन के शंघाई कंपोजिट में गिरावट रही।

यूरोप के प्रमुख बाजारों में शुरुआती कारोबार में तेजी का रुख था। अमेरिकी बाजार मंगलवार को नुकसान में रहा।

इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.91 प्रतिशत की गिरावट के साथ 99.63 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर 68 पैसे टूटकर 79.21 (अस्थायी) पर पहुंच गयी।

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक पूंजी बाजार में शुद्ध लिवाल रहे। उन्होंने मंगलवार को 825.18 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे।

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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 03, 2022 05:48 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).