देश की खबरें | जितनी जल्दी जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल होगा, उतना ही बेहतर होगा: आजाद
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद ने बृहस्पतिवार को दृढ़ विश्वास जताया कि जम्मू-कश्मीर में राज्य का दर्जा बहाल किया जायेगा और कहा कि यह जितनी जल्दी हो, उतना ही बेहतर होगा।
जम्मू, 24 जुलाई डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद ने बृहस्पतिवार को दृढ़ विश्वास जताया कि जम्मू-कश्मीर में राज्य का दर्जा बहाल किया जायेगा और कहा कि यह जितनी जल्दी हो, उतना ही बेहतर होगा।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास और प्रगति के लिए राज्य का दर्जा बहुत आवश्यक है।
आजाद ने उपराष्ट्रपति पद के लिए अपने नामांकन की अटकलों को भी खारिज किया और मीडिया तथा लोगों से ऐसी अफवाहों पर ध्यान न देने को कहा।
जम्मू के रियासी जिले के दौरे के दौरान आजाद ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का आभारी हूं कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर में राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा किया है। मुझे पूरा विश्वास है कि वे राज्य का दर्जा बहाल करेंगे। लेकिन यह जितनी जल्दी हो, उतना ही बेहतर होगा।’’
एक सवाल के जवाब में आजाद ने कहा, ‘‘क्षेत्र के विकास, प्रगति और समग्र बेहतरी के लिए राज्य का दर्जा बहुत आवश्यक है। यह हिंदू या मुस्लिम, या कश्मीर या जम्मू का मामला नहीं है; यह हर पार्टी, धर्म और समुदाय से संबंधित है। राज्य का दर्जा सभी राजनीतिक दलों के लिए आवश्यक है, चाहे वह भाजपा हो, नेशनल कॉन्फ्रेंस हो या पीडीपी।’’
उन्होंने कहा कि राज्य का दर्जा जल्द से जल्द बहाल होना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं मंत्री था, मैंने तीन केंद्र शासित प्रदेशों को राज्य बनाने की सिफारिश की थी और तीनों को राज्य का दर्जा दे दिया गया था। लेकिन, पहली बार मैंने अपने ही राज्य को केंद्र शासित प्रदेश बनते देखा। यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी।’’
एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 और राज्य का दर्जा दो अलग-अलग चीजें हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी तत्काल मांग राज्य का दर्जा बहाल करने की है। मैं संसद में अनुच्छेद 370 के बारे में विस्तार से बोल चुका हूं। आप और पूरा मीडिया इसे सुन चुका है।’’
उन्होंने अपने पहले के बयान को दोहराया कि राज्य का दर्जा तभी बहाल किया जा सकता है जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी संसद में विधेयक लाएं या उच्चतम न्यायालय मामले की समीक्षा करके फैसला दे।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 24, 2025 05:56 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

