विदेश की खबरें | रूसी प्रवासी यूक्रेन पर रूस के हमले के प्रति अधिक समर्थन नहीं दिखा रहे
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. टोरंटो, 18 मार्च 18 (द कन्वरसेशन) प्रवासी समुदायों के सदस्य अक्सर संकट के समय अपनी पैतृक मातृभूमि के समर्थन में खड़े रहते हैं। यूक्रेन पर रूसी आक्रमण यूक्रेनियन के लिए तो एक संकट है ही, यह रूस के लिए भी एक संकट है, और हजारों लोगों को युद्ध का विरोध करने पर हिरासत में लिया गया है।
टोरंटो, 18 मार्च 18 (द कन्वरसेशन) प्रवासी समुदायों के सदस्य अक्सर संकट के समय अपनी पैतृक मातृभूमि के समर्थन में खड़े रहते हैं। यूक्रेन पर रूसी आक्रमण यूक्रेनियन के लिए तो एक संकट है ही, यह रूस के लिए भी एक संकट है, और हजारों लोगों को युद्ध का विरोध करने पर हिरासत में लिया गया है।
लेकिन संकट के समय में रूस के प्रवासियों का समर्थन कहां है? संकट के दौरान प्रवासी समर्थन में अपने परिवारों और दोस्तों को धन भेजना, धर्मार्थ संगठनों को वित्तीय सहायता और व्यावसायिक निवेश शामिल होता है।
संकट में रूस
हालांकि रूसी शहरों और नागरिकों पर रॉकेट की बारिश नहीं हो रही है, लेकिन रूस संकट में है। प्रतिबंध रोज़मर्रा के रूसियों के जीवन को प्रभावित कर रहे हैं, युद्ध-विरोधी प्रदर्शनकारियों को अपराधी माना जा रहा है, स्वतंत्र मीडिया को बंद कर दिया गया है और आज दुनिया का अधिकांश हिस्सा रूस को खारिज करने पर तुला है।
रूसी अधिकारी दो फर्जी परस्पर संबंधित कहानियां सुनाकर रूस को पीड़ित बता रहे हैं और यूक्रेन पर आक्रमण को सही ठहरा रहे हैं। सबसे पहले, रूस का कहना है कि वह यूक्रेन में रहने वाले रूसियों को ‘‘नव-नाज़ियों और नशीली दवाओं के नशेड़ियों’’ के नरसंहार से बचा रहा है। दूसरा, यह कहता है कि लातविया, लिथुआनिया और एस्टोनिया के पूर्व सोवियत गणराज्यों में नाटो के विस्तार और यूक्रेन में इसके संभावित विस्तार के बाद रूस को नाटो से सुरक्षा खतरे का सामना करना पड़ रहा है।
रूसी सरकार की भी, दुनिया भर की कई अन्य सरकारों की तरह, एक प्रवासी जुड़ाव रणनीति है, जो कि रस्की मीर (रूसी विश्व) फाउंडेशन के माध्यम से संस्थागत है।
2007 में राष्ट्रपति के आदेश से शुरू की गई इस फाउंडेशन के केंद्रीय उद्देश्यों में से एक है ‘‘विदेशों में बसे रूसी समुदाय को अपनी मातृभूमि के साथ फिर से जोड़ना, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों, आदान-प्रदान और पुनर्वास में सहायता के माध्यम से नए और मजबूत संबंध बनाना।’’
रस्की मीर क्रेमलिन की पीड़ित कथा को पुन: प्रस्तुत करके यूक्रेन के साथ रूस के युद्ध को सही ठहराने के लिए एक मुखपत्र के रूप में भी काम करता है।
लेकिन प्रवासी एकमत नहीं हैं। वे अपनी मातृभूमि पर संकट के बारे में एक स्वर से नहीं बोलते हैं। कुछ रूसी प्रवासी और संगठन यूक्रेन में युद्ध का समर्थन नहीं करते हैं, कई लोग यूक्रेन में रूस के युद्ध का सार्वजनिक रूप से बचाव करने के इच्छुक नहीं हैं।
यूक्रेन युद्ध के बीच रूस की प्रवासी लामबंदी की रणनीति के सफल न होने का एक कारण यह है कि रूसी प्रवासी ज्यादातर आम के आधार पर रूस के साथ अस्पष्ट संबंधों से बंधे हैं।
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