तिरुवनंतपुरम, चार अगस्त भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विभिन्न तबकों की ओर से वायनाड में हुए विनाशकारी भूस्खलन को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग को लेकर कहा कि केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों में ऐसी कोई अवधारणा मौजूद नहीं है और इस नीति में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के कार्यकाल से कोई बदलाव नहीं हुआ है।
वरिष्ठ पार्टी नेता वी. मुरलीधरन ने अपने सोशल मीडिया मंच 'फेसबुक' पर 2013 का एक संसदीय दस्तावेज पोस्ट किया, जिसमें तत्कालीन गृह राज्य मंत्री मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने कहा था कि "प्राकृतिक आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का कोई प्रावधान नहीं है।"
पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरलीधरन ने कहा, "केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत 'राष्ट्रीय आपदा' की अवधारणा मौजूद नहीं है, यह तथ्य संप्रग सरकार के कार्यकाल से ही है। यह बात तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री रामचंद्रन ने छह अगस्त 2013 को लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में स्पष्ट रूप से कही थी।"
उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि किसी भी आपदा को आधिकारिक तौर पर 'राष्ट्रीय आपदा' नहीं कहा गया है, लेकिन प्रत्येक आपदा को उसकी गंभीरता के अनुसार ही समझा जाता है।’’
उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे आपदा के इस समय में बेवजह विवाद पैदा करने का प्रयास न करें।
भाजपा नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को फोन किया था और हरसंभव सहायता की पेशकश की थी।
उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मैं अनुरोध करता हूं कि इस आपदा के समय में कोई भी व्यक्ति निराधार विवाद पैदा करने का प्रयास न करे।"
मुरलीधरन का यह बयान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा वायनाड में हुए भूस्खलन को ‘‘राष्ट्रीय आपदा’’ बताने के कुछ दिन बाद आया है।
वायनाड से पूर्व सांसद गांधी ने कहा था, "मेरे लिए निश्चित रूप से यह घटना एक राष्ट्रीय आपदा है, लेकिन देखते हैं कि सरकार क्या कहती है।"
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