देश की खबरें | सदन का बदला-बदला सा नजारा था विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन बृहस्पतिवार को सदन का नजारा बदला बदला था। कोविड-19 महामारी के चलते सदस्यों ने एकदूसरे से दूरी बनाये रखने के नियम का पूरी तरह पालन किया और दर्शक दीर्घा में भी उनके बैठने का इंतजाम किया गया। इस दौरान मीडियाकर्मियों को दूर रखा गया ।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

लखनउ, 20 अगस्त उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन बृहस्पतिवार को सदन का नजारा बदला बदला था। कोविड-19 महामारी के चलते सदस्यों ने एकदूसरे से दूरी बनाये रखने के नियम का पूरी तरह पालन किया और दर्शक दीर्घा में भी उनके बैठने का इंतजाम किया गया। इस दौरान मीडियाकर्मियों को दूर रखा गया ।

विधानसभा में एक सीट पर एक ही विधायक को बैठाया गया था। कुछ के बैठने की व्यवस्था दर्शक दीर्घा में थी। ये सब कुछ कोविड-19 के चलते एकदूसरे से दूरी बनाये रखने का नियम सुनिश्चित करने के मकसद से किया गया था ।

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विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय के अनुसार सदन में 290 विधायक मौजूद थे जबकि 23 विधायकों की उपस्थिति ‘वर्चुअल’ थी।

मानसून सत्र के दौरान सदन की केवल तीन बैठकें होनी हैं लेकिन कोविड-19 के मद्देनजर नयी व्यवस्थाओं को अंतिम समय तक सुनिश्चित करते देखा गया, विशेषकर सदस्यों के बैठने का इंतजाम ।

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सदस्यों और विधानसभा स्टॉफ ने मॉस्क पहन रखे थे और बैठने की व्यवस्था कुछ इस तरह की गयी थी कि एकदूसरे से दूरी बनाये रखने के नियम का पूरी तरह पालन हो। बगल की सीटों पर जाने की जगह को सफेद फीते से अवरूद्ध किया गया था।

सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कहा था कि जिन विधायकों की आयु 60 वर्ष से अधिक है और महिला विधायक, जो नहीं आ सकतीं या कोई विधायक अस्वस्थ है तो वह लिखित में या टेलीफोन करके इसकी जानकारी दे सकती हैं। ऐसे में उनकी अनुपस्थिति नहीं दर्ज की जाएगी ।

दीक्षित ने सभी दलों के नेताओं से कहा कि वे यह संदेश अपने विधायकों तक पहुंचा दें। विधानसभा में आने से पहले सबकी कोविड-19 जांच का इंतजाम किया गया था। सत्र शुरू होने से पहले 600 स्टॉफ सदस्यों की कोविड-19 जांच सोमवार को की गयी थी । इनमें 20 कर्मचारी संक्रमित पाये गये थे ।

अध्यक्ष ने कहा था कि कोविड-19 जांच केन्द्र विधायकों के आवासों के निकट बनाये जा सकते हैं क्योंकि उनकी जांच एक ही दिन में होनी है। दीक्षित ने उम्मीद जतायी की कि विपक्षी सदस्य आसन के सामने नहीं आएंगे और एकदूसरे से दूरी बनाये रखने के नियम का पालन करेंगे । उन्होंने बताया कि विपक्ष का आश्वासन इस बारे में मिला है।

बैठक शुरू होने से पहले सदस्यों की ‘थर्मल स्कैनिंग’ की गयी । दीक्षित ने कहा, ‘‘अगर कोई सदस्य मॉस्क नहीं पहने है तो हम उसे मुहैया कराएंगे । पूर्व विधायकों से अनुरोध किया गया है कि वे सत्र के दौरान विधान भवन ना आयें ।’’

उत्तर प्रदेश सरकार ने मीडियाकर्मियों के लिए परामर्श जारी करके बुधवार को कहा कि सत्र की कार्यवाही की कवरेज के लिए आने वाले पत्रकारों को अपनी कोविड-19 जांच करानी अनिवार्य है । उन्हें प्रेस दीर्घा में नहीं बैठने दिया जाएगा लेकिन वे तिलक हॉल में बैठ सकते हैं, जहां से वे कार्यवाही का सीधा प्रसारण देख सकेंगे ।

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