जरुरी जानकारी | विदेशों में तेजी से खाद्य तेल-तिलहनों में सुधार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. मलेशिया और शिकॉगो एक्सचेंज में सुधार के रुख के बीच दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में शुक्रवार को सरसों, सोयाबीन तेल तिलहन, बिनौला, कच्चे पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल कीमतों में तेजी आई। दूसरी ओर सामान्य कारोबार के बीच मूंगफली तेल- तिलहन कीमतें अपरिवर्तित रहीं।

नयी दिल्ली, 11 नवंबर मलेशिया और शिकॉगो एक्सचेंज में सुधार के रुख के बीच दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में शुक्रवार को सरसों, सोयाबीन तेल तिलहन, बिनौला, कच्चे पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल कीमतों में तेजी आई। दूसरी ओर सामान्य कारोबार के बीच मूंगफली तेल- तिलहन कीमतें अपरिवर्तित रहीं।

कारोबारी सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में 2.75 प्रतिशत की तेजी है जबकि शिकागो एक्सचेंज में बृहस्पतिवार रात एक प्रतिशत की तेजी थी और फिलहाल यह लगभग 1.5 प्रतिशत मजबूत चल रहा है। विदेशी बाजारों की इस तेजी के असर से देशी तेल तिलहनों के दाम में भी सुधार दिखा।

सूत्रों ने कहा कि विदेशी बाजारों की मंदा और तेजी से घरेलू तेल उद्योग, किसान और उपभोक्ता परेशान हैं और तेल कीमतों को लेकर अनिश्चय की स्थिति में रहते हैं। इसका एक मात्र समाधान देश में तेल तिलहन उत्पादन बढ़ाना हो सकता है। इसके लिए किसानों को लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना और लगातार प्रोत्साहन जारी रखना होगा।

तेल तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने से विदेशों पर हमारी निर्भरता घटेगी, देश के तेल प्रसंस्करण मिलों को फायदा होगा, लोगों को रोजगार मिलेंगे, सबसे बड़ी बात कि देश के बहुमूल्य विदेशीमुद्रा की भारी मात्रा में बचत होगी।

सूत्रों ने कहा कि सरकार को किसानों को सरसों, तिल, सूरजमुखी और मूंगफली जैसे अधिक तेल उत्पादन करने वाले तिलहन की खेती के लिए प्रोत्साहित करना होगा।

उन्होंने कहा कि आगामी जाड़े और शादी-विवाह के दिनों में हल्के तेलों की मांग को पूरा करने के लिए आपूर्ति बढ़ाने के मकसद सरकार को कम आपूर्ति की स्थिति को खत्म करने के संदर्भ में कोई फैसला करना चाहिये। इससे खाद्य तेलों की महंगाई पर भी लगाम लगेगी।

सूत्रों ने कहा कि सरकार के सूरजमुखी और सोयाबीन के शुल्कमुक्त आयात की छूट का मकसद उपभोक्ताओं को लगभग छह रुपये किलो के हिसाब से राहत प्रदान करना था लेकिन इसके लिए कोटा निर्धारित किये जाने से कम आपूर्ति की स्थिति पैदा हुई और तेल कीमतें कम होने के बजाय बढ़ गईं।

शुक्रवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 7,450-7,500 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 6,800-6,860 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,600 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,515-2,775 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 15,300 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,325-2,455 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,395-2,510 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,800-20,500 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 15,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 14,700 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 13,510 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 9,150 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,250 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 10,700 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 9,700 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 5,700-5,800 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज 5,510-5,560 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का) 4,010 रुपये प्रति क्विंटल।

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