देश की खबरें | विभिन्न आर्थिक-सामाजिक समूहों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता समान होनी चाहिए : बघेल

नयी दिल्ली, 26 जुलाई केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री एस.पी. सिंह बघेल ने बुधवार को कहा कि समाज के विभिन्न सामाजिक-आर्थिक वर्गों को दी जा रही स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं समान गुणवत्ता वाली होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि भले ही भारत का स्वास्थ्य सेवा पारिस्थितिकी तंत्र डिजिटल युग में पहुंच गया है, लेकिन 80 करोड़ वंचित ग्रामीण लोगों को किफायती चिकित्सा उपचार सुविधाएं प्रदान करना प्राथमिकता होनी चाहिए।

बघेल यहां ‘इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ (आईएएमएआई) द्वारा आयोजित ‘डिजिटल स्वास्थ्य सम्मेलन’ को संबोधित कर रहे थे।

देश के सबसे गरीब लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने पर जोर देते हुए मंत्री ने ‘आयुष्मान भारत कार्ड’ के महत्व को रेखांकित किया।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण आबादी के मेडिकल रिकॉर्ड से जुड़े डेटा की सुरक्षा पर भी बेहद बारीकी से ध्यान देने की जरूरत है। बघेल ने कहा कि इसके लिए इस क्षेत्र को और मजबूत करने के वास्ते एक मजबूत नियामक संस्था होनी चाहिए।

आईएएमएआई ने डिजिटल स्वास्थ्य सम्मेलन- 2023 के पहले संस्करण की मेजबानी की जिसका विषय ‘डिजिटल स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत को वैश्विक अगुआ के रूप में स्थापित करना’ थी।

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