ताजा खबरें | प्रस्तावित राष्ट्रीय मुकदमा नीति को अंतिम रूप नहीं दिया गया है: सरकार

नयी दिल्ली, 13 फरवरी सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि लंबित मामलों के समाधान में तेजी लाने के लिए प्रस्तावित राष्ट्रीय मुकदमा नीति को अंतिम रूप नहीं दिया गया है।

राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में विधि और न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने मुकदमों की संख्या कम करने के लिए वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र को बढ़ावा देने के मद्देनजर कई कदम उठाए हैं।

पिछले साल कानून मंत्री का पदभार संभालने के दिन मेघवाल ने मसौदा नीति पर हस्ताक्षर कर दिए थे जिसे अंतिम निर्णय के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष भेजा जाएगा।

राष्ट्रीय मुकदमा नीति का मसौदा कई बार तैयार किया गया है क्योंकि विभिन्न सरकारें इसकी रूपरेखा पर विचार-विमर्श करती रही हैं।

संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दूसरे कार्यकाल में तत्कालीन कानून मंत्री एम वीरप्पा मोइली ने एक राष्ट्रीय मुकदमा नीति बनाई थी, लेकिन यह आगे नहीं बढ़ पाई।

साल 2010 में 23 जून को एक आधिकारिक बयान में कहा गया था कि केंद्र ने राष्ट्रीय कानूनी मिशन के तहत भारत की विभिन्न अदालतों में लंबित मामलों को कम करने के लिए एक राष्ट्रीय मुकदमा नीति तैयार की है।

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