जरुरी जानकारी | सहकारी संस्था हाफेड, नाफेड की बिकवाली पहल से सरसों तेल-तिलहन के भाव टूटे
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सहकारी संस्था नाफेड की बिक्री के साथ साथ हाफेड द्वारा बिक्री की निविदा मंगाने से दिल्ली के थोक तेल-तिलहन बाजार में सोमवार को सरसों तेल-तिलहन के दाम में गिरावट देखने को मिली। दूसरी ओर हरियाणा, पंजाब में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से अधिक दाम पर बिकवाली के कारण बिनौला तेल कीमत में सुधार आया। सामान्य कारोबार के बीच बाकी मूंगफली एवं सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।
नयी दिल्ली, 28 अक्टूबर सहकारी संस्था नाफेड की बिक्री के साथ साथ हाफेड द्वारा बिक्री की निविदा मंगाने से दिल्ली के थोक तेल-तिलहन बाजार में सोमवार को सरसों तेल-तिलहन के दाम में गिरावट देखने को मिली। दूसरी ओर हरियाणा, पंजाब में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से अधिक दाम पर बिकवाली के कारण बिनौला तेल कीमत में सुधार आया। सामान्य कारोबार के बीच बाकी मूंगफली एवं सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।
मलेशिया एक्सचेंज में मामूली सुधार है जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में गिरावट चल रही है।
बाजार सूत्रों ने बताया कि सहकारी संस्था नाफेड निरंतर सरसों की बिकवाली जारी रखे है। एक अन्य सहकारी संस्था, हाफेड ने सरसों की बिक्री के लिए निविदा मंगाई है। इन सहकारी संस्थाओं की बिकवाली के कारण सरसों की कीमतों में गिरावट आई। सरकार द्वारा खाद्य तेलों पर आयात शुल्क बढ़ाने का एक परिणाम यह देखने को मिला है कि सरसों फसल खपना शुरू हो गई है और सरसों पेराई मिलें चलने लगी हैं।
सूत्रों ने बताया कि देश के हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों में कपास नरमा एमएसपी से अधिक दाम पर बिकने की वजह से बिनौला तेल कीमत में मजबूती आई। इन राज्यों में बिनौला खल का हाजिर भाव 4,000-4,100 रुपये क्विंटल है। दूसरी ओर गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में मिलावटी बिनौला खल का भाव 2,950-3,000 रुपये क्विंटल होने के कारण कपास नरमा के दाम एमएसपी से कम लगाये जा रहे हैं। कपास उत्पादन बढ़ाने और मवेशियों को मिलावटी बिनौला खल से बचाने के लिए सरकार को ठोस उपाय करने होंगे।
सामान्य कारोबार के बीच ऊंचे भाव वाले मूंगफली तेल-तिलहन, शिकॉगो एक्सचेंज के नरम रहने की वजह से सोयाबीन तेल-तिलहन, जाड़े की कमजोर मांग से सीपीओ एवं पामोलीन तेल के भाव पूर्वस्तर पर बंद हुए।
तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 6,450-6,500 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 6,350-6,625 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,100 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल - 2,270-2,570 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 13,400 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,150-2,250 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,150-2,275 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,650 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,150 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 10,050 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 12,350 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 12,600 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,800 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 12,750 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 4,760-4,810 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज- 4,460-4,695 रुपये प्रति क्विंटल।
मक्का खल (सरिस्का)- 4,200 रुपये प्रति क्विंटल।
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(The above story first appeared on LatestLY on Oct 28, 2024 09:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

