देश की खबरें | अनुप्रति कोचिंग योजना में छात्र-छात्राओं की संख्या 50 हजार तक की जाएगी : मंत्री अविनाश गहलोत

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जयपुर, 10 मार्च राजस्थान के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के तहत वर्तमान में 30 हजार छात्र-छात्राओं को मुफ्त कोचिंग सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि इस संख्या को आगामी वर्षों में 50 हजार तक किया जाया जाएगा।

योजना को लेकर सरकार के जवाब पर असंतोष जताते हुए कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी की और सदन से बहिर्गमन किया।

गहलोत ने कांग्रेस विधायक रफीक खान की ओर से पुछे गए सवाल के जवाब में बताया, ''मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के तहत हमारा लक्ष्य 30 हजार छात्र-छात्राओं को मुफ्त कोचिंग उपलब्ध करवाना है। जबकि, हमें 23 फरवरी 2025 तक कुल 67,427 यानी 225 प्रतिशत अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं।''

उन्होंने बताया, ''2005-06 में वसुंधरा राजे सरकार ने यह योजना शुरू की थी। इसके बाद, पिछली सरकार ने 2021 में इसे लॉन्च किया। हमारी सरकार ने इसमें गुणवत्तायुक्त सुधार के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।''

गहलोत ने कहा कि इस योजना के तहत पहले छोटे और कम प्रतिष्ठित संस्थान आते थे, हमारी सरकार ने इसमें प्रतिष्ठित संस्थानों को शामिल किया तथा मौजूदा समय में 37 प्रतिष्ठित संस्थान इस योजना से जुड़े हुए हैं।

मंत्री ने कहा कि सरकार की 30 हजार छात्र-छात्राओं को मुफ्त कोचिंग देने का लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा करने की योजना है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में इस योजना से केवल 21 हजार यानी 65 प्रतिशत छात्र-छात्रा ही लाभान्वित हुए थे।

गहलोत ने बताया कि वर्ष 2023-24 में कुल 127.10 करोड़ रुपये में से 101.74 करोड़ रुपये खर्च कर छात्र-छात्राओं को लाभान्वित किया गया। उन्होंने बताया कि 2025-26 के लिए 209 करोड़ का बजट निर्धारित है और इसे भी निर्धारित समयावधि में खर्च किया जाएगा।

मंत्री के मुताबिक, संस्थानों में गुणात्मक सुधार के लिए उनका परिणाम, प्रतिष्ठा और टर्नओवर शामिल किया गया है और नये दिशा-निर्देशों के जारी होने के कारण कुछ प्रकरणों में देरी हुई है। उन्होंने बताया कि 2024-25 के सत्र की कोचिंग अप्रैल माह से शुरू हो जाएगी।

कांग्रेस विधायक रफीक खान और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मंत्री के जवाब पर असंतोष जताया। जूली ने कहा, ''मेरा प्रश्न है कि आपको जून-जुलाई तक भुगतान करना था, वो क्यों नहीं किया और उसके लिए कौन दोषी है तथा उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी?''

मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन किया।

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