जरुरी जानकारी | अगले प्रोत्साहन पैकेज में छोटी अवधि वाली ढांचागत परियोजनाओं पर होना चाहिए जोर: राजीव कुमार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने बृहस्पतिवार को कहा कि विभिन्न संगठनों के अनुमान के विपरीत देश की अर्थव्यवसथा में चालू वित्त वर्ष में गिरावट कम रहने की संभावना है।

नयी दिल्ली, 22 अक्टूबर नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने बृहस्पतिवार को कहा कि विभिन्न संगठनों के अनुमान के विपरीत देश की अर्थव्यवसथा में चालू वित्त वर्ष में गिरावट कम रहने की संभावना है।

उन्होंने यह भी कहा कि अगले प्रोत्साहन पैकेज में कम अवधि में तैयार होने वाली ढांचागत परियोजनाओं पर जोर दिया जाना चाहिए।

यह भी पढ़े | यूपी में बिना इजाजत दाढ़ी रखने पर दारोगा इंतेसार अली सस्पेंड, SP ने बताई ये वजह.

पब्लिक अफेयर्स फोरम के ‘ऑनलाइन’ कार्यक्रम में भाग लेते हुए कुमार ने कहा कि सरकार ‘हेलीकाप्टर मनी’ पर गौर नहीं कर रही है।

‘हेलीकाप्टर मनी’ से आशय अर्थव्यवस्था में केंद्रीय बैंक द्वारा नकदी की मात्रा यानी मुद्रा की आपूर्ति बढ़ाने के उपायों से है।

यह भी पढ़े | देवी मां को खुश करने के लिए महिला ने अपने 24 वर्षीय बेटे की चढ़ाई बलि, आरोपी मां गिरफ्तार.

उन्होंने कहा, ‘‘कुछ लोग हैं जो अब कह रहे हैं कि यह उतना खराब नहीं हो सकता जितना कि पूर्वानुमान लगाया गया है। इस बात के संकेत हैं कि अर्थव्यवस्था में 9.5 प्रतिशत या 10 प्रतिशत की गिरावट आने की आशंका नहीं है, जैसा कि हमने पहले सोचा था।’’

कुमार ने कहा कि अगस्त और सितंबर में पुनरूद्धार बेहतर रहा है और पीएमआई, बिजली खपत, औद्योगिक उत्पादन जैसे कई प्रमुख आंकड़ों से यह पता चलता है।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि तीसरी तिमाही में आर्थिक वृद्धि में गिरावट अनुमान से कम होगी। चौथी तिमाही में स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है।’’

नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा, ‘‘अगर यह सही है, मुझे लगता है कि गिरावट अनुमान के मुकाबले कम होगी। हालांकि, गिरावट स्वयं एक अभूतपूर्व चीज है।’’

उल्लेखनीय है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था में 9.5 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान जताया है जबकि अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष और विश्वबैंक ने क्रमश: 10.3 प्रतिशत और 9.6 प्रतिशत गिरावट की आशंका जतायी है।

कुमार ने यह भी कहा कि अगले प्रोत्साहन पैकेज में उन ढांचागत परियोजनाओं पर जोर होना चाहिए, जिनमें कम समय लगता है। इसका अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और वृद्धि टिकाऊ हो सकती है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

IPL 2026 Points Table With Net Run-Rate (NRR): राजस्थान रॉयल्स से जीतकर सातवें पायदान पर पहुंची दिल्ली कैपिटल्स, टॉप तीन पर इन टीमों का कब्जा, देखें अपडेट पॉइंट्स टेबल

DC vs RR, IPL 2026 62nd Match Scorecard: रोमांचक मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने राजस्थान रॉयल्स को 5 विकेट से दी करारी शिकस्त, केएल राहुल और अभिषेक पोरेल ने खेली ताबड़तोड़ अर्धशतकीय पारी; यहां देखें मैच का स्कोरकार्ड

CSK vs SRH, IPL 2026 63rd Match Date And Time: कब और कितने बजे से खेला जाएगा चेन्नई सुपरकिंग्स बनाम सनराइजर्स हैदराबाद के बीच रोमांचक मुकाबला? इस स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें, यहां जानें वेन्यू समेत मैच से जुड़ी सभी जानकारी

Central Railway: RPF ने चार महीने में 584 बच्चों और जरूरतमंद लोगों को परिवार से मिलाया, 25 यात्रियों की बचाई जान