ताजा खबरें | गोद लेने, संरक्षक बनने के लिए सर्व-समावेशी और व्यापक कानूनों की आवश्यकता: समिति
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. संसद की एक स्थायी समिति ने गोद लेने और संरक्षक बनने (गार्डियनशीप) के लिए सर्व-समावेशी और व्यापक कानूनों की आवश्यकताओं पर बल देते हुए गोद लेने की एक राष्ट्रीय रजिस्ट्री बनाने की सिफारिश की है।
नयी दिल्ली, आठ अगस्त संसद की एक स्थायी समिति ने गोद लेने और संरक्षक बनने (गार्डियनशीप) के लिए सर्व-समावेशी और व्यापक कानूनों की आवश्यकताओं पर बल देते हुए गोद लेने की एक राष्ट्रीय रजिस्ट्री बनाने की सिफारिश की है।
भारतीय जनता पार्टी के सुशील कुमार मोदी की अध्यक्षता वाली कार्मिक, लोक शिकायत, विधि और न्याय संबंधी समिति ने सोमवार को संसद में यह रिपोर्ट पेश की।
समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि हिंदू दत्तक और भरण-पोषण अधिनियम (एचएएमए) और किशोर न्यायालय अधिनियम में अपनी-अपनी खूबियां और कमियां हैं।
समिति ने कहा कि एचएएमए के तहत गोद लेने की प्रक्रिया सामान्य है और कम समय लेने वाली है जबकि जेजे अधिनियम के तहत यह पारदर्शी, जवाबदेह और प्रमाण योग्य है।
उसने कहा कि गोद लेने के बारे में एक व्यापक कानून के लिए दोनों कानूनों में तालमेल जरूरी है, जो गोद लेने की प्रक्रिया को पारदर्शी, जवाबदेह, प्रमाण योग्य और सभी धर्मों के लिए समान रूप से आसान हो।
समिति ने कहा कि एचएएमए के तहत गोद लेने के मामलों का वर्तमान में कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
समिति ने कहा, ‘‘इसलिए तस्करी पर नियंत्रण रखने के एक राष्ट्रीय एडोप्शन रजिस्ट्री बनाया जाना आश्यक है, ताकि उसमें देश में गोद लेने के मामलों का ब्योरा हो।’’
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