देश की खबरें | चांडी का पार्थिव शरीर उनके गृह नगर कोट्टायम लाया गया
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कोट्टायम (केरल), 20 जुलाई केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमान चांडी का पार्थिव शरीर बृहस्पतिवार सुबह कोट्टायम जिले में उनके गृह नगर लाया गया।
उनके पार्थिव शरीर को कोट्टायम के तिरुनक्कारा ग्राउंड में रखा गया जहां विभिन्न दलों के वरिष्ठ नेताओं समेत बड़ी संख्या में लोग कांग्रेस नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए गत रात से ही इंतजार कर रहे थे।
लोगों द्वारा श्रद्धांजलि दिए जाने के बाद चांडी के पार्थिव शरीर को पुथुपल्ली में उनके घर ले जाया जाएगा और उसके बाद गांव के एक गिरजाघर में विशेष रूप से तैयार की गयी एक कब्र में उन्हें दफनाया जाएगा, जिसके साथ ही केरल की राजनीति में एक युग का अंत हो जाएगा।
अखिल भारतीय कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने ट्वीट कर बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी, चांडी के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे।
चांडी का अंतिम संस्कार उनकी इच्छा के अनुरूप बिना किसी राजकीय सम्मान के सादगी से किया जाएगा। लेकिन उन्हें गिरजाघर में पादरियों की कब्रों के पास दफन किया जाना अपने आप में एक सम्मान है।
चांडी के दशकों तक गिरजाघर को दिए योगदान पर विचार करते हुए पुथुपल्ली में सेंट जॉर्ज ऑर्थोडॉक्स चर्च के प्राधिकारियों द्वारा उन्हें यह सम्मान दिया जा रहा है।
सामान्य प्रथा के अनुसार, ईसाई धर्म में आम आदमी के पार्थिव शरीर को कब्रिस्तान में और पादरियों के पार्थिव शरीर को गिरजाघर के उत्तर या दक्षिण में स्थित एक विशेष क्षेत्र में दफनाया जाता है।
चांडी की अंतिम यात्रा तिरुवनंतपुरम से बुधवार सुबह सात बजकर 20 मिनट पर शुरू हुई थी। दशकों लंबे अपने राजनीतिक करियर में उन्होंने एक विधायक, कांग्रेस पार्टी के नेता और एक मुख्यमंत्री के तौर पर राज्य की राजधानी में अपने जीवन का बड़ा हिस्सा गुजारा।
चार जिलों तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथनमथिट्टा और अलप्पुझा में कई स्थानों से गुजरते हुए बस को एक घंटे से भी अधिक समय तक रुकना पड़ा क्योंकि लोग अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई देने के लिए उमड़ पड़े थे।
इसके कारण करीब 150 किलोमीटर की चांडी की अंतिम यात्रा में 27 घंटे से भी अधिक का वक्त लगा जबकि इसमें आम तौर पर तीन से चार घंटे लगते।
जब बस कोडिमथा में जिला कांग्रेस समिति कार्यालय पहुंची तो वह बेहद धीमी गति से आगे बढ़ पा रही थी क्योंकि लोग चांडी को अंतिम विदाई देने के लिए उमड़ पड़े थे।
केरल के दो बार मुख्यमंत्री रहे चांडी ने बेंगलुरु के एक निजी अस्पताल में मंगलवार सुबह चार बजकर 25 मिनट पर अंतिम सांस ली। पार्टी सूत्रों ने बताया कि उनका कैंसर का इलाज चल रहा था। वह 79 वर्ष के थे।
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