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देश की खबरें | गृह मंत्रालय ने जैन व भारद्वाज के खिलाफ जांच को मंजूरी दी, ‘आप’ का आरोपों से इनकार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अस्पताल परियोजनाओं में देरी से संबंधित कथित घोटाले में दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्रियों सौरभ भारद्वाज और सत्येंद्र जैन के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एसीबी जांच को मंजूरी दे दी है। राजनिवास के अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

देश की खबरें | गृह मंत्रालय ने जैन व भारद्वाज के खिलाफ जांच को मंजूरी दी, ‘आप’ का आरोपों से इनकार

नयी दिल्ली, 24 जून केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अस्पताल परियोजनाओं में देरी से संबंधित कथित घोटाले में दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्रियों सौरभ भारद्वाज और सत्येंद्र जैन के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एसीबी जांच को मंजूरी दे दी है। राजनिवास के अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

आम आदमी पार्टी (आप) ने आरोपों से इनकार किया। पार्टी ने आरोप लगाया कि यह नियमित परियोजनाओं में देरी को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है।

अधिकारी ने बताया, “ सक्षम प्राधिकारी ने हजारों करोड़ से अधिक के अस्पताल घोटाले में दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज और सत्येंद्र जैन के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 17ए के तहत भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) द्वारा जांच करने की मंजूरी दे दी है। सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी छह मई को दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना द्वारा की गई सिफारिश के बाद मिली है।”

इस बाबत पिछले साल अगस्त में भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता ने शिकायत की थी।

अधिकारी ने बताया कि गुप्ता ने दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग में तत्कालीन मंत्रियों भारद्वाज और जैन की मिलीभगत से भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था।

अधिकारी ने कहा, "शिकायत के प्रथम दृष्टया अध्ययन के बाद एसीबी ने पाया कि परियोजना की लागत में लगातार वृद्धि की गई, विभाग द्वारा जानबूझकर देरी की गई, लागत प्रभावी समाधानों को अस्वीकार किया गया, धन का गलत आवंटन किया गया और बेकार परिसंपत्तियों का निर्माण किया गया तथा इसे कदाचार और भ्रष्ट गतिविधियों की रणनीति और पैटर्न बताया गया, जिसके परिणामस्वरूप सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ।"

लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने आईसीयू अस्पतालों, पॉलीक्लिनिक और 24 अन्य अस्पतालों के निर्माण से संबंधित सभी मुद्दों की जांच करने, भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और कानूनों और नियमों के उल्लंघन के मामलों की पहचान करने की सिफारिश की।

सतर्कता विभाग ने कहा कि अनुमान तैयार करने और योजना बनाने में कथित तौर पर उचित सावधानी नहीं बरती गई, जिस कारण मूल स्वीकृत राशि से अधिक लागत में असामान्य वृद्धि हुई।

आरोपों को खारिज करते हुए आम आदमी पार्टी (आप) ने कहा कि भाजपा और उपराज्यपाल ने नियमित परियोजनाओं में देरी को कथित भ्रष्टाचार के रूप में "हथियार" बनाकर शासन को "हास्यास्पद" बना दिया है।

‘आप’ ने कहा कि केंद्र की खुद की परियोजनाओं में देरी हो रही है और सवाल किया कि बुलेट ट्रेन परियोजना में 10 वर्ष की देरी के बारे में सीबीआई जांच क्यों नहीं शुरू की गई, या "तथ्य यह है कि केंद्र सरकार की 53 प्रतिशत बुनियादी ढांचा परियोजनाएं तीन वर्ष से अधिक की देरी और लागत में भारी वृद्धि का सामना कर रही हैं।"

पार्टी ने जैन के खिलाफ जांच को मंजूरी देने को "बेतुका" बताया और दावा किया कि उनका संबंधित परियोजनाओं से कोई संबंध नहीं है।

‘आप’ ने आरोप लगाया कि मंत्रियों को दोषी ठहराना तार्किक रूप से गलत है, जबकि ऐसे कार्यों में शामिल प्रत्येक अधिकारी सीधे उपराज्यपाल को रिपोर्ट करता है।

‘आप’ ने कहा, ‘‘अगर भ्रष्टाचार की यह नई परि है तो हर हफ्ते दर्जनों केंद्रीय मंत्रियों को सीबीआई कार्रवाई का सामना करना चाहिए।’’

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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 24, 2025 09:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).