देश की खबरें | प्रदर्शन करने पर बर्खास्त 800 से अधिक आंगनबाड़ी सेविकाओं का जीवन अस्त-व्यस्त हुआ
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नयी दिल्ली, 23 जुलाई मानदेय बढ़ाने और काम के सम्मानजनक घंटों की मांग करते हुए एक महीने से अधिक समय से हड़ताल करने को लेकर दिल्ली की 884 आंगनबाड़ी सेविकाओं को अचानक नौकरी से बर्खास्त कर दिये जाने के बाद उनका जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
इन कामगारों को उनके 39-दिवसीय प्रदर्शन के खिलाफ 14 मार्च को बर्खास्तगी नोटिस जारी किये गये थे। इनमें कई एकल माताएं भी शामिल हैं।
उन्होंने दावा किया है कि कोविड-19 महामारी के मद्देनजर लगाये गये लॉकडाउन के दौरान जनता की अथक सेवा करने के बावजूद उन्हें जनवरी से वेतन नहीं मिला है और वे उधार लेकर अपना घर चला रही हैं।
सोलह मार्च को बर्खास्तगी आदेश पाने वाली अनीता ‘सिंगल मदर’ हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए काम की तलाश में वह दर-दर भटक रही हैं कि उनके बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
अनीता ने कहा, "मैं रिश्तेदारों से पैसे उधार ले रही हूं, अंशकालिक घरेलू सहायिका के रूप में काम कर रही हूं और किसी तरह से बच्चों के स्कूल और ट्यूशन फीस का प्रबंध कर रही हूं।’’ उन्होंने कहा कि दिल्ली आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका संघ ने उन्हें बुनियादी जरूरतें मुहैया कराकर मदद करने की कोशिश की, लेकिन उनका वेतन जनवरी से लंबित है।
उन्होंने आरोप लगाया, "कई बर्खास्त कर्मचारियों के पास मोबाइल फोन पर संदेश आ रहे हैं कि उनका वेतन जारी कर दिया गया है, लेकिन यह उनके बैंक खातों में नहीं दिख रहा है। आंगनवाड़ी सेविकाओं को इन संदेशों के साथ धोखा दिया जा रहा है, जबकि हमारे बैंक खाते खाली हैं।’’
एक अन्य महिला कर्मी पूनम ने कहा, ‘‘पांच बर्खास्त कर्मियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने महिला एवं बाल विभाग का दरवाजा खटखटाने की कोशिश की, लेकिन सचिव ने हमसे मिलने से इनकार कर दिया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जब कुछ कर्मी बैंक गये तो उन्हें बैंक प्रबंधकों ने बताया कि उनके खातों में कोई रकम जमा नहीं हुई है।’’
एक प्रतिनिधिमंडल ने 16 जुलाई को दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना से मुलाकात की थी और उन्हें इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपा था और उपराज्यपाल ने उनकी मांगों पर गौर करने तथा जल्द ही हस्तक्षेप करने का आश्वासन दिया था।
उन्होंने कहा कि कोई कदम न उठाये जाने पर दिल्ली राज्य आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका संघ के सदस्य बृहस्पतिवार को कश्मीरी गेट पर दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय के बाहर एकत्र हुए और आम आदमी पार्टी नीत दिल्ली सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका संघ का दावा है कि 884 आंगनबाड़ी सेविकाओं को बर्खास्तगी के नोटिस जारी किये गये हैं। इसके अलावा, 11,942 कर्मियों को एक महीने से अधिक की हड़ताल में शामिल होने को लेकर दिल्ली सरकार द्वारा ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किये गये हैं।
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